शेयर मंथन में खोजें

नये साल पर सरकार का आम आदमी को तोहफा, 1 जनवरी से सस्ती होंगी ये 23 वस्तुएं और सेवायें

आम आदमी को नये साल का तोहफा देते हुये सरकार ने एक जनवरी से सिनेमा टिकट, 32 इंच तक के टेलीविजन और मॉनिटर स्क्रीन सहित 23 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दर कम करने की अधिसूचना जारी कर दी है।


माल एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद ने 22 दिसंबर को हुई बैठक में 23 वस्तुओं और सेवाओं पर कर दर कम करने का फैसला किया था। इनमें सिनेमा टिकट, टेलीविजन और मॉनिटर स्क्रीन, पावर बैंक आदि शामिल हैं। इसके अलावा डिब्बा बंद खास तरह की प्रसंस्कृत सब्जियों को शुल्क मुक्त कर दिया गया।
उपभोक्ताओं को मंगलवार से इन वस्तुओं के लिये कम दाम देने होंगे। एक जनवरी से इन वस्तुओं पर जीएसटी दर कम हो जायेगी। जिसके परिणामस्वरूप इनके दाम घट सकते हैं। जीएसटी परिषद ने अपनी पिछली बैठक में इन वस्तुओं एवं सेवाओं पर 28% की दर को कम कर दिया था। कुछ वस्तुओं पर इसे घटाकर 18% किया गया है जबकि कुछ सेवाओं पर 18% की दर को कम कर 12% किया गया है।
जीएसटी की 28% की सबसे ऊंची दर अब कुछ लक्जरी वस्तुओं, अहितकर सामानों, सीमेंट, बड़े टीवी स्क्रिन, एयरकंडीसनर्स और डिशवाशर्स पर ही रह गई है। परिषद ने दिव्यांग व्यक्तियों के काम आने वाले वाहक साधनों के कलपुर्जो पर जीएसटी दर को 28% से घटाकर 5% कर दिया। माल परिवहन वाहनों के तीसरे पक्ष की बीमा प्रीमियम पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 12% कर दिया गया।
संगमरमर के अनगढ़े पत्थर, प्राकृतिक कॉर्क, टहलने वाली छड़ियां, फ्लाई ऐश से बनी ईंटें आदि पर अब 5% की दर से जीएसटी लगेगा। संगीत की किताबों, बिना पके या भाप अथवा उबालकर पकायी गयी सब्जियों तथा फ्रोजेन, ब्रांडेड तथा प्रसंस्करण की ऐसी अवस्था वाली सब्जियां जो उस रूप में उपभोग लायक नहीं हों... आदि पर अब जीएसटी नहीं लगेगा।
जन-धन योजना के तहत खुले आधारभूत बचत खातों के धारकों को भी अब बैंकों की सेवाओं के लिये जीएसटी नहीं देना होगा। सरकार द्वारा परिचालित गैर-अधिसूचित अथवा चार्टर्ड उड़ानों के जरिये यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को अब 5% की ही दर से जीएसटी भुगतान करना होगा। इनके अलावा 100 रुपये तक की सिनेमा टिकटों पर अब 18% के बजाय 12% जीएसटी लगेगा। (शेयर मंथन, 01 जनवरी 2019)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख