शेयर मंथन में खोजें

अनुमान से कमजोर नतीजों के कारण टूटा यस बैंक (Yes Bank) का शेयर

पिछले कारोबारी साल की दूसरी तिमाही की तुलना में चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में यस बैंक (Yes Bank) के शुद्ध लाभ में 3.8% की गिरावट दर्ज की गयी।

जानकारों का मानना है कि अधिक प्रोविजन और उच्च ऋण लागत का असर यस बैंक के मुनाफे पर पड़ा। तिमाही के दौरान बैंक के प्रेविजन 110.3% की बढ़त के साथ 940 करोड़ रुपये के रहे। ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने बैंक के नतीजों को अनुमान से कमजोर बताया। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने बैंक के 1,261.7 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था, जबकि यस बैंक का मुनाफा 964.7 करोड़ रुपये रहा।
इसी बीच बैंक की शुद्ध ब्याज आमदनी 28.2% बढ़ कर 2,417.6 करोड़ रुपये और अन्य आमदनी 18% अधिक 1,473.45 करोड़ रुपये की रही। साल दर साल आधार पर यस बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 40 आधार अंकों की गिरावट के साथ 3.3%, ऑपरेटिंग लाभ 24.1% अधिक 2,366.4 करोड़ रुपये और एडवांस 61.2% बढ़ कर 2,39,627.5 करोड़ रुपये के रहे।
इस दौरान यस बैंक के एनपीए अनुपात में सुधार हुआ। बैंक का सकल एनपीए अनुपात 22 आधार अंकों की गिरावट के साथ 1.6% और शुद्ध एनपीए अनुपात 20 आधार अंकों की गिरावट के साथ 0.84% रह गया। इसके अलावा बैंक का सीएएसए अनुपात 33.8% और कुल जमाएँ 41% अधिक 2.22 अरब रुपये की रहीं।
बीएसई में आज यस बैंक के शेयर में कमजोरी देखने को मिल रही है। 198.35 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 178.55 रुपये पर शुरुआत के बाद यह 168.60 रुपये तक गिरा है। साढ़े 10 बजे के आस-पास बैंक का शेयर 11.90 रुपये या 6.00% की गिरावट के साथ 186.45 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 26 अक्टूबर 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख