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जीएसटी परिषद के बड़े फैसले, पुरानी कारों पर बढ़ा जीएसटी तो पॉपकॉर्न पर फ्लेवर के हिसाब से कर का प्रस्ताव

जैसलमेर में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक संपन्न हुई, जिसमें जीएसटी दरों को लेकर कई फैसले लिए गये। शनिवार को हुई इस बैठक में कई फैसलों को अगली बैठक के लिए टाल दिया गया।

पुरानी कारों पर जीएसटी की दर को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है। हालाँकि, इसका असर सिर्फ कंपनियों पर पड़ेगा। बिजनेस के लिए इस्तेमाल होने वाली कारों को खरीदने और बेचने पर ही जीएसटी की दर बढ़ाई गयी है। इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ भी शामिल हैं। वहीं, अगर कोई आम आदमी इस्तेमाल की हुई गाड़ियों को खरीदता या बेचता है तो उस पर जीएसटी की दर 12% ही रहेगी।

जीएसटी परिषद ने पॉपकॉर्न पर जीएसटी लगाने को लेकर जो बातें कही हैं, उसकी काफी चर्चा हो रही है। जीएसटी परिषद ने पॉपकॉर्न पर फ्लेवर के हिसाब से तीन तरह के जीएसटी का प्रस्ताव दिया है। पहले नमक-मसालों के साथ मिक्‍स रेडी टू ईट वाले पॉपकॉर्न पर 5% जीएसटी लगाने का सुझाव दिया गया है, इसमें शर्त है कि यह पहले से पैक्ड ना हो। जबकि, पहले से पैक और लेबल वाले पॉपकॉर्न पर 12% की दर से जीएसटी और कारमेल पॉपकॉर्न पर 18% टैक्स लगेगा।

पॉपकॉर्न पर तीन तरह के टैक्स क्यों?

पॉपकॉर्न को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नमकीन, कारमेलाइज्ड और सादे पॉपकॉर्न को कुछ राज्यों में नमकीन के रूप में बेचा जा रहा है। उनका कहना था कि कारमेलाइज्ड पॉपकॉर्न में अतिरिक्त चीनी होती है, इसलिये नमकीन से अलग दर पर टैक्स लगाया जाता है। अतिरिक्त चीनी वाली कोई भी चीज पर जीएसटी की अलग दर होती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि जीएसटी परिषद ने फोर्टिफाइड चावल कर्नेल पर जीएसटी की दर को घटाकर 5% कर दिया है। वहीं, फूड डिलीवरी ऐप पर जीएसटी का निर्धारण फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। जबकि, डिलीवरी चार्ज और खाने पर अलग से जीएसटी लगाया जाने के मामले पर भी चर्चा की गई है। इसको अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया है।

परिषद की बैठक में लिए गये बड़े फैसले

जीएसटी परिषद ने 45 वस्तुओं पर टैक्स दरों में कमी का ऐलान किया है। 2019 के निर्णय के तहत रक्षा क्षेत्र के उपकरणों पर दी जा रही जीएसटी छूट को भी यथावत रखने का फैसला किया गया है। मुफ्त वितरण के लिए तैयार किये जाने वाले खाद्य उत्पादों पर जीएसटी दरों को कम किया गया है। नवीन चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए जीन थेरेपी पर जीएसटी पूरी तरह से माफ कर दी गई है। निर्यात से जुड़े उत्पादों पर जीएसटी दरों को घटाकर निर्यातकों को राहत दी गयी है। एटॉमिक ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षण से संबंधित उपकरणों पर जीएसटी में पूरी छूट दी गई है।

(शेयर मंथन, 23 दिसंबर 2024)

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