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कर चोरी की जाँच के लिए आय कर विभाग खंगालेगा आपके ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट

सरकार ने फर्जी बिलों या दूसरे तरीकों से आय कर की चोरी करने वालों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है। अगले साल से सरकार कर चोरी की पड़ताल करने के लिए आपका ई-मेल क्या, सोशल मीडिया खाता भी खंगाल सकती है। और पकड़े गए तो सोच लीजिये क्या होगा? ये नियम अगले साल 1 अप्रैल से लागू भी हो जायेगा।

सरकार देखेगी ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट

अगर सरकार को किसी व्यक्ति पर आय कर की चोरी का शक है और सरकार को लगता कि उक्त व्यक्ति ने अपनी आय की सही जानकारी नहीं दी है। आय, आभूषण, सोना, पैसे, जैसी अन्य मूल्यवान चीजों या संपत्तियों की जानकारी नहीं दी है तो आय कर विभाग आपके सोशल मीडिया अकाउंट, पर्सनल ई-मेल, बैंक अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट, इन्वेस्टमेंट अकाउंट वगैरह को सीधे चेक करने का अधिकार होगा। ये नियम अगले साल 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। ईमानदार करदाताओं काे इससे कोई परेशानी नहीं होगी।

किन चीजों की जांच करने का अधिकार होगा?

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नियम के तहत अब इनकम टैक्स विभाग सही जानकारी न देने वाले करदाता का

- ई-मेल

- फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत दूसरे सोशल मीडिया खाते

- ऑनलाइन किया गया निवेश, ट्रेडिंग खाता, बैंकिंग खाता

- रिमोट सर्वर या क्लाउड सर्वर का एक्सेस

- किसी भी संपत्ति का मालिकाना हक जानने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइट

- डिजिटल एप्लीकेशन प्लेटफॉर्म आदि की जाँच करने का अधिकार होगा।

क्या हैं इनकम टैक्स के मौजूदा नियम?

इनकम टैक्स अधिनियम 1961 की धारा 132 अधिकारियों को ये अधिकार देती है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी आय, संपत्ति वगैरह की सही जानकारी नहीं देता है तो वो उनकी तलाशी लेने, प्रॉपर्टी और खातों की पुस्तिका को जब्त कर सकते हैं। साथ ही अगर व्यक्ति लॉकर या अलमारी का चाभियाँ नहीं दे रहा है तो वो उसका ताला भी तोड़ सकते हैं।

(शेयर मंथन, 05 मार्च 2025)

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