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अप्रैल में एनएसई ने पार किया 22 करोड़ निवेशक खातों का आँकड़ा 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अप्रैल 2025 में एक और मील का पत्थर पार किया है और इसके निवेशक खातों की संख्या बढ़कर 22 करोड़ के आगे निकल गयी है। एक्सचेंज ने एक विज्ञप्ति जारी कर ये जानकारी दी। इसके मुताबिक यूनीक क्लाइंट कोड्स (यूसीसी) में महज 6 महीने की अवधि में 20 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 

इसके अलावा यूनीक पंजीकृत निवेशकों की संख्या 11.3 करोड़ है (मार्च 2025 तक)। इसने 11 करोड़ का आँकड़ा 20 जनवरी 2025 को पार कर लिया था। एक निवेशक के कई ब्रोकरों के पार खाते हो सकते हैं, जिसकी वजह से उसके पास कई ग्राहक कोड हो सकते हैं। 

सर्वाधिक 3.8 करोड़ निवेशक खातों के साथ महाराष्ट्र सबसे आगे है, इसके बाद उत्तर प्रदेश (2.4 करोड़), गुजरात (1.9 करोड़) और राजस्थान व पश्चिम बंगाल प्रत्येक तकरीबन 1.3 करोड़ निवेशक खातों के साथ हैं। कुल खातों में इन राज्यों का संयुक्त योगदान 49% है, जबकि शीर्ष 10 राज्यों का योगदान कुल खातों में तकरीबन तीन-चौथाई है। 

मानक सूचकांक निफ्टी 50 ने पिछले 5 साल में दमदार 22% का सालाना प्रतिफल दिया है, वहीं निफ्टी 500 सूचकांक ने 25% का सालान रिटर्न दिया है, जो इस अवधि में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण धन सृजन को प्रदर्शित करता है। एनएसई का निवेशक सुरक्षा फंड (आईपीएफ) 31 मार्च 2025 तक साल-दर-साल आधार पर 23% से अधिक बढ़कर 2459 करोड़ रुपये हो गया है। 

एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट आधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा, 'भारत का निवेशक आधार निरंतर तेजी से बढ़ रहा है, इसमें सिर्फ छह महीने में 2 करोड़ नये खाते जुड़े हैं- यह वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत के विकास पथ में निवेशकों के भरोसे का स्पष्ट प्रदर्शन है। यह बढ़ोत्तरी तेज डिजिटल परिवर्तन और मोबाइल ट्रेडिंग के बढ़ते चलन के कारण है, जिससे पूँजी बाजार तक 2, 3 और 4 श्रेणी के शहरों के निवेशकों की पहुँच सुनिश्चित हो गयी है। यह वृद्धि खुदरा भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्रीत पहलों की सफलता को भी उजागर करती है, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम और सुव्यवस्थित केवाईसी प्रक्रियाएँ शामिल हैं। चूँकि इक्विटी, ईटीएफ, आरईआईटीएस, आईएनवीआईटीएस और बॉन्ड जैसे विभिन्न साधनों में व्यापक भागीदारी हो रही है, ये मील का पत्थर एक परिपक्व वित्तीय इकोसिस्टम का संकेत दे रहा है, जहाँ तकनीक निवेश अवसरों के लोकतांत्रिकरण में अहम भूमिका अदा करता है।' 

(शेयर मंथन, 11 अप्रैल 2025)

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