महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर को लेकर लंबी अवधि के निवेश की रणनीति पर बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कंपनी का मौजूदा पोर्टफोलियो काफी हद तक बाजार के सामने आ चुका है।
SUV और EV से जुड़े कई प्रमुख प्रोडक्ट अब कंपनी के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। ऐसे में फिलहाल कोई ऐसा नया और बड़ा प्रोडक्ट पाइपलाइन में नजर नहीं आ रहा है, जो पहले के प्रोडक्ट लॉन्च की तरह नई मांग पैदा कर सके।
विशेषज्ञ के मुताबिक फेस्टिव सीजन में महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और यह कंपनी के लिए सकारात्मक हो सकता है। हालांकि, बाजार में इस तरह की उम्मीदें पहले से ही शेयर की कीमत में शामिल दिखाई देती हैं। करीब 20 गुना के आसपास का वैल्यूएशन उन्हें बहुत महंगा नहीं लगता, लेकिन शेयर में तेजी का एक लंबा दौर पहले ही आ चुका है। इसलिए आगे प्राइस करेक्शन या टाइम करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि अगर वैल्यूएशन में करीब 10 फीसदी की छूट मिलती है तो 2,650-2,750 रुपये के आसपास का क्षेत्र शेयर के लिए एक अच्छा सपोर्ट जोन बन सकता है। इस लिहाज से मौजूदा स्तरों पर निवेश करने के बजाय करेक्शन के दौरान मिलने वाले अवसर पर नजर रखना लंबी अवधि के निवेशक के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
बातचीत में Mahindra & Mahindra के PEG यानी Price/Earnings to Growth रेशियो का भी जिक्र हुआ। विशेषज्ञ ने बताया कि कंपनी का PEG करीब एक से थोड़ा अधिक है, जो वैल्यूएशन के लिहाज से बहुत ज्यादा नहीं है। हालांकि, कंपनी का आकार अब काफी बड़ा हो चुका है और करीब 4 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी के लिए आगे की ग्रोथ को बनाए रखना पहले की तुलना में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कंपनी की बिक्री करीब 2 लाख करोड़ रुपये के सालाना स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में बिक्री में 10 फीसदी की अतिरिक्त वृद्धि हासिल करने के लिए भी काफी बड़ा कारोबार जोड़ना होगा। विशेषज्ञ के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने करीब 24-25 फीसदी तक की ग्रोथ दिखाई है, लेकिन इसी रफ्तार को आगे भी बनाए रखने के लिए नए ग्रोथ ट्रिगर की जरूरत होगी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के पिछले प्रोडक्ट लॉन्च का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी की ग्रोथ में नए प्रोडक्ट्स की अहम भूमिका रही है। B6, B9E, 7O और 7XO जैसे प्रोडक्ट्स के अलावा कंपनी की SUV पाइपलाइन ने भी मांग को सपोर्ट किया है। इससे पहले Duster, XUV 5O और 7O जैसे प्रोडक्ट्स ने बाजार में अलग-अलग सेगमेंट के गैप को भरा और नई मांग पैदा की थी।
हालांकि, मौजूदा समय में कंपनी के ज्यादातर प्रमुख सेगमेंट में प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। ऐसे में जब तक कंपनी की ओर से कोई ऐसा नया प्रोडक्ट सामने नहीं आता, जो बाजार में किसी नए गैप को भरकर अतिरिक्त मांग पैदा करे, तब तक बाजार में कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर बहुत ज्यादा प्रीमियम शामिल होने की संभावना सीमित रह सकती है।
विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में पिछले कुछ वर्षों में काफी बड़ी तेजी आ चुकी है। करीब 400 रुपये से बढ़कर शेयर 4,000 रुपये तक पहुंच चुका है। भले ही इस सफर में कई साल लगे हों, लेकिन एक पूरा साइकिल पूरा होने के बाद शेयर में करेक्शन आना सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। इसलिए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा वैल्यूएशन के साथ-साथ भविष्य के नए प्रोडक्ट और ग्रोथ ट्रिगर पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
(शेयर मंथन, 29 सितंबर 2026)
(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)