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रेलवे के बढ़ते निवेश के बीच आईसी इलेक्ट्रिकल्स का IPO, जानिए कंपनी की ग्रोथ स्टोरी और भविष्य की योजनाएं

भारतीय रेलवे में लगातार बढ़ते निवेश और इलेक्ट्रिफिकेशन अभियान के बीच रेलवे इलेक्ट्रिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी आईसी इलेक्ट्रिकल्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है।

कंपनी एनएसई इमर्ज (SME प्लेटफॉर्म) पर सूचीबद्ध होने जा रही है। कंपनी का कारोबार रेलवे के लिए इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण, ओवरहेड ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस सेवाओं से जुड़ा हुआ है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के लगातार बढ़ते खर्च को देखते हुए कंपनी आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।

2005 से शुरू हुआ सफर, आज बनी मल्टी-प्रोडक्ट कंपनी

कंपनी की शुरुआत वर्ष 2005 में एक छोटी इकाई के अधिग्रहण के साथ हुई थी। समय के साथ आईसी इलेक्ट्रिकल्स ने अपने उत्पादन का विस्तार किया और आज यह रेलवे के लिए 24 से अधिक उत्पादों का निर्माण कर रही है। कंपनी तीन प्रमुख डिवीजनों- पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रोटेटिंग मशीन और कॉन्ट्रैक्टिंग में काम करती है। इसके उत्पादों में बैटरी चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस, कोच लाइटिंग सिस्टम, ट्रैक्शन मोटर और विभिन्न प्रकार के अल्टरनेटर शामिल हैं।

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन से मिलेगा बड़ा फायदा

कंपनी का मानना है कि भारतीय रेलवे का 100% इलेक्ट्रिफिकेशन और नए फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं तथा ओवरहेड ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार उसके कारोबार के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। सरकार हर वर्ष रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिसका सीधा लाभ रेलवे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को मिलने की संभावना है।

लगातार बढ़ रही आय और मुनाफा

पिछले तीन वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी की आय लगभग 100 करोड़ रुपये रही, जो अगले वर्ष बढ़कर करीब 122 करोड़ रुपये और उसके बाद लगभग 144 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी दौरान कंपनी के मुनाफे में आय की तुलना में अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट बिजनेस का बढ़ना रहा, जबकि कोविड के बाद रेलवे में यात्री सेवाओं के सामान्य होने से कोच से जुड़े उत्पादों की मांग भी मजबूत हुई।

मजबूत ऑर्डर बुक से दिख रही बेहतर विजिबिलिटी

कंपनी के पास वर्तमान में 180 करोड़ रुपये से अधिक की ऑर्डर बुक मौजूद है, जो चालू वित्त वर्ष के अनुमानित 190-200 करोड़ रुपये के राजस्व को लगभग पूरी तरह कवर करती है। प्रबंधन का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष में लगभग 270 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करना है। ऑर्डर बुक में लगभग 80 करोड़ रुपये प्रोडक्ट डिवीजन और करीब 100 करोड़ रुपये कॉन्ट्रैक्ट डिवीजन से जुड़े हुए हैं।

नए प्रोडक्ट्स पर रिसर्च से बढ़ेगी कमाई

आईसी इलेक्ट्रिकल्स लगातार रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर निवेश कर रही है। कंपनी स्पीड इंडिकेटिंग सिस्टम, एनर्जी मीटर, इंटीग्रेटेड बैटरी चार्जर और नई पीढ़ी की ट्रैक्शन मोटर जैसे उत्पादों पर काम कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने दक्षिण कोरिया की एक कंपनी के साथ तकनीकी सहयोग भी किया है, जिसके तहत कुछ उन्नत उत्पादों को भारतीय रेलवे की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। इन नए उत्पादों से आने वाले वर्षों में राजस्व और मार्जिन दोनों में सुधार की उम्मीद है।

रेलवे पर निर्भरता जोखिम या मजबूती?

कंपनी का अधिकांश कारोबार रेलवे से जुड़ा है, जिसे कुछ निवेशक जोखिम के रूप में देख सकते हैं। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि भारतीय रेलवे एक ग्राहक नहीं बल्कि 21 जोनल रेलवे और कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स सहित लगभग 28 स्वतंत्र ग्राहकों का नेटवर्क है। इसके अलावा रेलवे में भुगतान व्यवस्था भी अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है और कंपनी के अनुसार उसे अब तक भुगतान संबंधी किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है।

IPO से जुटाई गई राशि का होगा यह उपयोग

आईपीओ से जुटाई जाने वाली लगभग 48 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग कंपनी मुख्य रूप से कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) बढ़ाने, एनबीएफसी से लिए गए कुछ असुरक्षित ऋणों के भुगतान और आईपीओ से जुड़े खर्चों को पूरा करने में करेगी। इससे कंपनी को भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने और कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

निवेशकों के लिए क्या है अहम बात?

IC Electricals ऐसे सेक्टर में काम कर रही है जहां सरकार का दीर्घकालिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। मजबूत ऑर्डर बुक, नए उत्पादों का विकास, बढ़ती लाभप्रदता और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे बड़े अवसर कंपनी के पक्ष में दिखाई देते हैं। हालांकि यह एक SME IPO है, इसलिए इसमें निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, जोखिम और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करना जरूरी है। लंबे समय के नजरिए से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर थीम में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए यह कंपनी ध्यान देने योग्य हो सकती है।


(शेयर मंथन, 07 जुलाई 2026)

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