शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

सोमवार को कमजोर खुल सकता है महिंद्रा सत्यम (Mahindra Satyam)

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज (Satyam Computer Services) का एडीआर डीलिस्ट होने की खबर के चलते सोमवार को भारतीय बाजार खुलने पर महिंद्रा सत्यम के शेयर में बिकवाली का दबाव दिखने की संभावना है।

कुछ जानकारों का कहना है कि ऐसी गिरावट को खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, हालाँकि कई विदेशी ब्रोकिंग फर्मों ने अपनी ताजा रिपोर्ट में सत्यम कंप्यूटर और साथ ही टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) बेचने की सलाह दी है।
टॉरस म्युचुअल फंड (Taurus mutual fund) के एमडी आर के गुप्ता का कहना है कि सोमवार को बाजार खुलते ही दोनों कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आ सकती है, लेकिन निवेशकों को इससे घबराना नहीं चाहिए। उनके मुताबिक अगर सत्यम कंप्यूटर का शेयर 90 रुपये तक आ जाये तो वहाँ इसमें नयी खरीदारी भी ठीक रहेगी। गुप्ता का अनुमान है कि कंपनी 2009-10 में नुकसान दिखायेगी, लेकिन मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 6 महीने कंपनी के लिए अच्छे रहे हैं। महिंद्रा सत्यम ने थोड़ा अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) भी जमा किया है, जिसका मतलब है कि कंपनी मुनाफे में आ गयी है।
हालाँकि शुक्रवार को सिटी ग्रुप (Citigroup) ने सत्यम कंप्यूटर और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयर बेचने (Sell) की सलाह जारी की थी। एक और विदेशी ब्रोकिंग फर्म सीएलएसए (CLSA) का नजरिया भी सत्यम कंप्यूटर के लिए नकारात्मक ही है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को सत्यम कंप्यूटर में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने जम कर बिकवाली की है। (शेयर मंथन, 25 सितंबर 2010)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख