शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

तो पावर फाइनेंस (Power Finance) ने इस प्रकार जुटाये 2,070 करोड़ रुपये

सरकारी कंपनी पावर फाइनेंस (Power Finance) ने 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,070 करोड़ रुपये) की पूँजी जुटायी है।

पावर फइनेंस ने यह पूँजी तीन वर्षीय सिंडिकेटेड ऋण के जरिये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हॉन्ग-कॉन्ग (State Bank of India, Hong Kong) और एमयूएफजी बैंक, सिंगापुर (MUFG Bank, Singapore) से हासिल की है।
इससे पहले पावर फाइनेंस ने आरईजी-एस बॉन्ड जारी करके 1 अरब डॉलर जुटाये थे, जो किसी सरकारी एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) द्वारा विदेश में लाया गया सबसे बड़ा बॉन्ड इश्यू था।
30 करोड़ डॉलर के इस सौदे के साथ पावर फाइनेंस ने 1.3 अरब डॉलर जुटा लिये हैं, जो सरकारी विद्युत कंपनी आरईसी के अधिग्रहण के बाद निवेशकों के पावर फाइनेंस में विश्वास को दर्शाता है।
दूसरी ओर बीएसई में पावर फाइनेंस का शेयर 134.10 रुपये के पिछले बंद भाव की तुलना में आज हल्की बढ़ोतरी के साथ 134.30 रुपये पर खुलने के बाद कारोबार के दौरान 128.15 रुपये के निचले स्तर तक गिरा।
अंत में पावर फाइनेंस का शेयर 4.85 रुपये या 3.62% की गिरावट के साथ 129.25 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 34,123.06 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 138.80 रुपये और निचला स्तर 67.60 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 01 जुलाई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख