Ajay Bagga on market outlook: बाजार में है बड़ा खतरा, या बेवजह बनी घबराहट? अजय बग्गा से बातचीत
शेयर बाजार में पिछले कई सप्ताह से कमजोरी बनी हुई है।
शेयर बाजार में पिछले कई सप्ताह से कमजोरी बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट की गति और तेज हो गयी।
बीते सप्ताह शुक्रवार को कोरोना के नये स्वरूप (वैरिएंट) ओमिक्रॉन के चलते वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार भी बुरी तरह टूटा था।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल तेजी दर्ज की गयी है। अब कीमतों के 31,300-33,430 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
खाद्य विभाग राजस्थान द्वारा तिलहन और खाद्य तेलों पर स्टॉक सीमा लगाये जाने की खबरों के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल 6% के लोअर सर्किट पर गिरावट हुई है।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतें कल सपाट बंद हुई है और अब कीमतें 7,430 रुपये के स्तर पर सहारा और 7,665 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रह सकती है। कीमतों के 5,300-5,500 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों को 745 रुपये के रुकावट स्तर के साथ 732 रुपये के सहारा रह सकता है।
सर्राफा में बिकवाली होने की संभावना है। सोने की कीमतों को 48,000 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 46,800 रुपये पर सहारा रह सकता है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में मंगलवार (30 नवंबर) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), टीसीएस (TCS) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। साथ ही इसने 14 दिनों के लिए एससीआई (SCI) में खरीदारी की सलाह दी है। और एमजीएल (MGL) के शेयर बेचने की सलाह दी है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार (30 नवंबर) के एकदिनी कारोबार के लिए इप्का लैबरोट्रीज (Ipca Laboratories), एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life Insurance), शॉपर्स स्टॉप (Shoppers Stop), गोदरेज इंडस्ट्रीज (Godrej Industries) और सोना बीएलडब्ल्यू प्रेसिजन (Sona BLW Precision) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
देश में चारा निर्माताओं की ओर से माँग में बढ़ोतरी के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में लगातार पांचवें सप्ताह सकारात्मक रुख रहा।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतें पिछले सप्ताह 3 महीने के उच्च स्तर 8,140 रुपये पर पहुँच गयी, लेकिन फिर तेज गिरावट के साथ 7,500 रुपये के स्तर पर आ गयी।
तीन हफ्ते की गिरावट के बाद कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में पिछले हफ्ते करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गयी है।
अमेरिकी नेतृत्व में प्रमुख उपभोक्ताओं की ओर कच्चे तेल का भंडार का जारी करने के बाद पहली तिमाही में वैश्विक स्तर पर आपूर्ति अधिशेष बढ़ने की चिंताओं और एक नये कोविड-19 संस्करण के प्रसार से निवेशकों के बीच भय से तेल की कीमतों में 4% से अधिक की गिरावट हुई।
सोने की कीमतें तीन सप्ताह के निचले स्तर पर फिसल गयी क्योंकि फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द से जल्द ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण मजबूत अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों के कारण डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई।