भारतीय बाजार के लिए महँगाई दर, ब्याज दरें अहम : हितेंद्र वासुदेव (Hitendra Vasudev)
भारतीय बाजार ने मार्च-अप्रैल 2014 में ऐतिहासिक रूप से नयी चाल पकड़ी है।
भारतीय बाजार ने मार्च-अप्रैल 2014 में ऐतिहासिक रूप से नयी चाल पकड़ी है।
धारणाओं में सुधार, महँगाई दर में कमी, कमोडिटी कीमतों में गिरावट, ब्याज दरों में बढ़त थम जाने और सरकार के प्रयासों की वजह से घरेलू अर्थव्यवस्था की हालत सुधरने लगी है।
बाजार में लंबी अवधि के लिए मेरा नजरिया सकारात्मक है, मगर इस समय सुधारों की कमी बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
साल 2015 और अगले सालों में वैश्विक और भारतीय शेयर बाजार के लिए हमारी धारणा काफी मंदी की है।
साल 2014 में हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) की बिक्री सबसे अधिक रही है।
अतुल ऑटो (Atul Auto) की बिक्री 6% बढ़ी है।
दिसंबर 2014 में वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) की कुल बिक्री 48% बढ़ी है।
बाजार के लिए मेरा नजरिया सकारात्मक है। हालाँकि महँगाई दर पर नियंत्रण, ब्याज दरों में कटौती और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएँ हैं।
सीएंट (Cyient) ने रैंगसंस इलेक्ट्रॉनिक्स (Rangsons Electronics) के साथ समझौता किया है।
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ सपाट बंद हुए।
दिसंबर 2014 में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) ने 36,328 वाहन बेचे हैं।
भारत फोर्ज (Bharat Forge) ने अधिग्रहण समझौता किया था।
एसआरएफ (SRF) ने ग्लोबल डूपॉन्ट (Global Dupont) के साथ समझौता किया है।
कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए।
एसजेवीएन (SJVN) ने हिंदुस्तान साल्ट्स (Hindustan Salts) और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स (Rajasthan Electronics) के साथ समझौते किये हैं।
दिसंबर 2014 में ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) की बिक्री 10% बढ़ी है।