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सर्राफा

सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान - एसएमसी

सोने की कीमतों को 49,400 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 48,800 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 66,100 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 65,000 रुपये पर सहारा रह सकता है।

सर्राफा में जारी रह सकती है तेजी - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,400 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 48,800 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 66,100 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 65,000 रुपये पर सहारा रह सकता है।

सर्राफा में बढ़त की उम्मीद - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा बड़े पैमाने पर कोरोनो वायरस प्रोत्साहन प्रस्ताव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल द्वारा मौजूदा मौद्रिक नीति को बनाये रखने की प्रतिबद्धता के कारण सुरक्षित निवेश के लिए सोने की माँग में बढ़ोतरी हुई है।

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,100 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 48,400 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 65,200 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 64,000 रुपये पर सहारा रह सकता है।

सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान- एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों को 49,500 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 48,900 रुपये पर सहारा रह सकता है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 67,300 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 65,700 रुपये पर सहारा रह सकता है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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