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क्या ट्रंप के बयानों पर भरोसा कम होने से बाजार में बढ़ी स्थिरता?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर बाजार अब पहले जैसा संवेदनशील नहीं रह गया है।

बाजार विशेषज्ञ सुनील सुब्रमण्यम का मानना है कि निवेशक अब केवल ट्रंप के ट्वीट्स या सार्वजनिक टिप्पणियों के आधार पर फैसले नहीं ले रहे, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों और आधिकारिक संकेतों को अधिक महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार को मध्य-पूर्व में जारी तनाव के समाधान की उम्मीद दिखाई दे रही है। तेल बाजार में सक्रिय बड़े निवेशक और ट्रेडर्स यह मान रहे हैं कि संघर्ष को लंबे समय तक खींचने के बजाय समाधान की दिशा में प्रयास हो रहे हैं।

सुनील के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सामने आए आधिकारिक बयानों ने भी बाजार को राहत दी है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन सुविधाओं को हुए नुकसान और तेल कुओं को दोबारा शुरू करने में लगने वाले समय के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल नहीं है।

उनका अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें मौजूदा स्तर से कुछ और नीचे आ सकती हैं, लेकिन निकट भविष्य में इसमें अत्यधिक गिरावट की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। बाजार फिलहाल इस संभावना को लेकर सकारात्मक नजर आ रहा है कि वैश्विक तनाव धीरे-धीरे कम होगा और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होती जाएगी। यदि यह सकारात्मक रुख बना रहता है तो वैश्विक और भारतीय दोनों बाजारों को इसका लाभ मिल सकता है। निवेशकों की नजर अब केवल राजनीतिक बयानों पर नहीं बल्कि वास्तविक आर्थिक संकेतकों और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

(शेयर मंथन, 01 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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