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अडानी पावर में 5 साल का नजरिया कैसा?

अडानी पावर को लेकर एक निवेशक ने सवाल किया है, जिनके पास 50 रुपये के भाव पर 1,000 शेयर हैं और उनका नजरिया करीब पांच साल का है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि पावर सेक्टर में अगले पांच साल के लिए पूरी तरह नकारात्मक नजरिया रखना उचित नहीं होगा, क्योंकि आने वाले समय में पावर डिमांड और सेक्टर में काम करने की काफी गुंजाइश है। हालांकि, अडानी पावर के शेयर में जिस तरह की तेजी पहले ही आ चुकी है, उसके बाद मौजूदा स्तरों पर निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

तकनीकी नजरिए से शेयर में करीब 38 फीसदी का करेक्शन हो चुका है, लेकिन इसे अभी पर्याप्त करेक्शन नहीं माना जा रहा। चर्चा के मुताबिक 179-180 रुपये के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 179 रुपये जून 2024 का पुराना हाई था। सितंबर 2025 में शेयर ने इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट देने की कोशिश की, लेकिन तेजी टिक नहीं पाई और बाद में करेक्शन देखने को मिला। ऐसे में करीब 175-180 रुपये का क्षेत्र आगे शेयर के लिए महत्वपूर्ण मूल्यांकन क्षेत्र बन सकता है।

वर्तमान स्तरों पर जोखिम और रिवार्ड का संतुलन भी निवेशकों के पक्ष में बहुत मजबूत नहीं माना जा रहा। इसलिए तुरंत आक्रामक खरीदारी करने के बजाय करेक्शन का इंतजार करने की रणनीति पर जोर दिया गया है। पावर सेक्टर में लंबी अवधि के अवसरों को देखते हुए शेयर में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से निवेश या SIP जैसे रास्ते पर विचार किया जा सकता है।

निवेशक के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि उन्होंने शेयर को 50 रुपये के आसपास खरीदा था और शेयर 250 रुपये तक जा चुका है। ऐसे में पहले से बने मुनाफे को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। चर्चा में 200 रुपये के आसपास के स्तर को एक संभावित रिस्क मैनेजमेंट जोन बताया गया है, जबकि करीब 175-180 रुपये के क्षेत्र को अधिक महत्वपूर्ण करेक्शन स्तर के तौर पर देखा गया है। हालांकि, यह व्यक्तिगत खरीद-बिक्री की सलाह नहीं है और निवेशक को अपनी रिस्क क्षमता तथा खुद की रिसर्च के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।


(शेयर मंथन, 25 अगस्त 2026)

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