कच्चे तेल की कीमतों में रह सकती तेजी - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रह सकती है। कीमतों के 5,840-5,960 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

अमेरिकी नेतृत्व में रणनीतिक भंडार से समन्वित रूप से तेल जारी करने के फैसले से वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी को लेकर चिंताओं के कम होने से तेल की कीमतों में गिरावट हुई, जबकि निवेशकों ने अमेरिकी धन्यवाद ज्ञापन अवकाश से पहले मुनाफा वसूली करना भी पसंद किया है। तेल की खपत करने वाले देशों द्वारा कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए समन्वित प्रयासों से बिकवाली को बढ़ावा मिला है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को कहा है कि वह ओपेक प्लस के उत्पादकों द्वारा बार-बार अधिक कच्चे तेल की माँग को नजर अंदाज करने के बाद कीमतों को कम करने की कोशिश करने के लिए चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्रिटेन के साथ रणनीतिक भंडार से लाखों बैरल तेल जारी करेगा। निक्केई अखबार ने बुधवार को बताया कि जापान अपने राष्ट्रीय भंडार में से लगभग 4.2 मिलियन बैरल तेल की नीलामी करेगा। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने कहा कि समन्वित प्रयास से लगभग 70 मिलियन से 80 मिलियन बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति हो सकती है। अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान के अनुसार अमेरिकी कच्चे तेल और गैसोलीन के भंडार में पिछले हफ्रते बढ़ोतरी हुई है। 19 नवंबर को समाप्त के दौरान कच्चे तेल के भंडार में 2.3 मिलियन बैरल की वृद्धि हुई, जबकि विश्लेषकों ने लगभग 5,00,000 बैरल की गिरावट की उम्मीद की थी। आँकड़ों से पता चलता है कि गैसोलीन के भंडार में लगभग 6,00,000 बैरल की वृद्धि हुई और डिस्टिलेट भंडार में 1.5 मिलियन बैरल की गिरावट हुई।
नेचुरल गैस की कीमतों में दोनों तरफ कारोबार की संभावना है और कीमतों को 375 रुपये के स्तर पर सहारा और 386 रुपये के स्तर पर बाधा रह सकता है। (शेयर मंथन, 24 नवंबर 2021)

 

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