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Nifty

  • ऑटो और आईटी शेयरों में मजबूती से बाजार में हरियाली

    ऑटो, आईटी तथा दवा कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से मंगलवार को बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गयी।

  • ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के सहारे चढ़ा बाजार

    ऑटो और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के सहारे मंगलवार को बाजार में मजबूती दर्ज की गयी।

  • ऑटो शेयरों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाजार में आयी गिरावट

    मंगलवार को ऑटो शेयरों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाजार में गिरावट दर्ज की गयी।

  • ऑटो शेयरों में बिकवाली के बीच गिरा बाजार, 11,500 के नीचे बंद हुआ निफ्टी

    कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को ऑटो शेयरों में हुई बिकवाली के बीच बाजार में कमजोरी दर्ज की गयी।

  • ऑटो, आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी के बीच बाजार में मजबूती

    मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले।

  • ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) में निवेश से बचें? विश्लेषक संदीप जैन से जानें ईवी स्टॉक विश्लेषण

    अक्षय सामंत्रा जानना चाहते हैं कि उन्हें ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Ola Electric Mobility) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? ओला इलेक्ट्रिक को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह है, लेकिन इसके साथ कई सवाल भी जुड़े हुए हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में यह कंपनी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरी है। आइए, ट्रेड स्विफ्ट ब्रोकिंग (Tradeswift Broking) के निदेशक संदीप जैन (Sandeep Jain) से जानते हैं कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

  • ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) शेयरों में दो महीने का नजरिया कैसा रहेगा? जानें एक्सपर्ट की राय

    सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

  • ओला इलेक्ट्रिक का शेयर कब मल्टीबैगर बनेगा? निवेश करना जोखिम है या अवसर, जानें एक्सपर्ट की राय

    ओला इलेक्ट्रिक पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्ता और सेवा की है। जब तक कंपनी अपने उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार नहीं करती, तब तक निवेशकों के लिए भरोसे के साथ इसमें पैसा लगाना मुश्किल है। जानें बाजार विश्लेषक से ओला के शेयरों का हाल.

  • ओला इलेक्ट्रिक शेयर का अगला स्तर क्या होगा, जानिए विशेषज्ञ की राय

    राज शेखर देव जानना चाहते हैं कि उन्हें ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

  • ओसवाल पंप्स शेयर पर मार्केट एक्सपर्ट की सलाह क्या है, निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

    मोहित यादव जानना चाहते हैं कि उन्हें ओसवाल पंप्स के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

  • औद्योगिक, बैंक और कैपिटल गुड्स शेयरों से अंतिम दिन चढ़ा बाजार

    कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को औद्योगिक, बैंक और कैपिटल गुड्स शेयरों के सहारे बाजार में मजबूती आयी।

  • कच्चे तेल की तेजी से बाजार में घबराहट, एक्सपर्ट से जानें सेंसेक्स-निफ्टी का विश्लेषण

    वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज बढ़त का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव अचानक लगभग 120 डॉलर के आसपास पहुंचने से निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 2.5% तक गिरकर लगभग 77,000 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी में भी करीब 580 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई। हालांकि अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, क्योंकि कुछ एशियाई सूचकांकों में 5 से 6% तक की गिरावट देखी गई। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड पंकज पांडे के अनुसार यदि कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर के ऊपर लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका मतलब होगा कि वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई में व्यवधान कुछ समय तक जारी रह सकता है। ऐसे हालात पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी देखने को मिले थे, जब बाजार में करीब 10-11% तक की गिरावट आई थी और लगभग 22-23 हफ्तों तक बाजार दबाव में रहा था। फिलहाल युद्ध से पहले के स्तर से निफ्टी में लगभग 8 प्रतिशत तक का करेक्शन पहले ही आ चुका है। हालांकि पांडे का मानना है कि भारतीय बाजार में गिरावट बहुत ज्यादा गहरी नहीं होगी, क्योंकि कॉरपोरेट आय के आंकड़े अपेक्षा से बेहतर रहे हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा कोयले से पूरा होता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव अन्य कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम हो सकता है। उनका अनुमान है कि बाजार में यहां से 3 से 4% तक और गिरावट संभव है, लेकिन इसके बाद यह कमजोरी निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में बाजार में घबराकर बाहर निकलने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। क्योंकि यदि अचानक युद्ध में तनाव कम होने की खबर आती है, तो बाजार में तेज रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। ऐसे संकेतों के लिए कच्चे तेल की कीमतें सबसे बड़ा संकेतक साबित होंगी। यदि तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो यह संकेत होगा कि वैश्विक आर्थिक जोखिम कम हो रहे हैं और बाजार में स्थिरता लौट सकती है। सेक्टर के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से संकेत मिलता है कि कैपिटल गुड्स, पावर, मेटल और बीएफएसआई जैसे घरेलू मांग से जुड़े सेक्टरों में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। वहीं आईटी सेक्टर में फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वैश्विक मांग में सुस्ती और रिकवरी की टाइमलाइन को लेकर स्पष्टता नहीं है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टरों पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए। कॉरपोरेट नतीजों की बात करें तो तीसरी तिमाही में निफ्टी कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रही है। सात तिमाहियों के बाद करीब 9 प्रतिशत की मुनाफा वृद्धि दर्ज की गई, जो पहले के अनुमान से ज्यादा है। आगे आने वाले वर्षों में कमाई की वृद्धि दर 14-15 % तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। खासतौर पर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का क्षेत्र इसमें अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि निफ्टी की कमाई में इसका बड़ा योगदान है। हालांकि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे महंगाई बढ़ने और विभिन्न उद्योगों की लागत में इजाफा होने का जोखिम भी रहेगा। इसके बावजूद कुछ सेक्टरों जैसे बैंकिंग और ऑयल-गैस को इससे फायदा भी हो सकता है। इस तरह मौजूदा अनिश्चितता के माहौल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर साबित हो सकती है।
    (शेयर मंथन, 10 मार्च 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)
  • कच्चे तेल ने बिगाड़ी बाजार की चाल, 324 अंक टूटा सेंसेक्स

    कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से गुरुवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

  • कंपनी प्रबंधन से जानें फुजियामा पावर सिस्टम्स आईपीओ के साथ निवेशकों को क्या करना चाहिए?

    दिल्ली-एनसीआर आधारित फुजियामा पावर सिस्टम्स लिमिटेड (Fujiyama Power Systems) जल्द ही अपना 28 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है, जो 13 नवंबर से खुलेगा।

  • कब लॉन्च होगा रिलायंस जियो का आईपीओ, एक्सपर्ट से जानिए निवेशकों के लिए क्या होगा?

    एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें रिलायंस जियो आईपीओ कब लॉन्च होगा? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि कब लॉन्च होगा आईपीओ?

  • कमजोर बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार, निफ्टी (Nifty) 8,900 के नीचे

    गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 52 हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुँचने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अंत में भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।

  • कमजोर रुपया और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण गिरा बाजार

    मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया नये रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गयी, जिससे बाजार में गिरावट आयी।

  • कमजोर वैश्विक रुझानों के कारण बाजार में नकारात्मक शुरुआत

    कमजोर वैश्विक रुझानों से कारोबारी सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में नकारात्मक शुरुआत हुई है।

  • कमजोर वैश्विक रुझानों के कारण बाजार में नकारात्मक शुरुआत

    नकारात्मक वैश्विक रुझानों के कारण कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को बाजार में कमजोर शुरुआत हुई है।

  • कमजोर वैश्विक रुझानों के बावजूद चढ़ा भारतीय शेयर बाजार

    कमजोर वैश्विक रुझानों के बावजूद बैंकिंग तथा वित्तीय शेयरों में मजबूती से बुधवार को बाजार में बढ़ोतरी दर्ज की गयी।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख