मंगलवार को एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है।
हाल ही में आयी भारी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों में लगातार दूसरे दिन खरीदारी देखने को मिल रही है।
व्यापार युद्ध को लेकर वैश्विक बाजारों में चल रहे धमासान के बीच बुधवार को एशियाई बाजारों में देखने को मिल रही है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिल रही है।
अमेरिकी बाजार में गिरावट के बावजूद कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में बढ़त है।
सोमवार को अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही है।
अमेरिकी बाजार में आयी जबरदस्त गिरावट के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों में तीखी बिकवाली देखने को मिल रही है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में बिकवाली दिख रही है, जिससे सभी प्रमुख सूचकांक कमजोर स्थिति में हैं।
गुरुवार को एशियाई बाजारों में मजबूत शुरुआत के बीच कई सूचकांक फिर से 9 सालों के उच्च स्तर पर पहुँच गये हैं।
अमेरिकी बाजार में जोरदार गिरावट के बाद कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी बिकवाली देखने को मिल रही है।
चीन-अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता से पहले गुरुवार को एशियाई बाजार 6 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुँच गये हैं।
बुधवार को एशियाई बाजारों के सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में हैं।
कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़त देखी जा रही है।
कल अमेरिकी बाजार में आयी कमजोरी के बावजूद गुरुवार को एशियाई बाजार शुरुआती सत्र में मजबूत स्थिति में है।
अमेरिकी बाजार के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिल रही है।
गुरुवार को एशियाई बाजार फिर से अपने 1 दशक के ऊपरी स्तर के करीब हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के नीति निर्णय से पहले बुधवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी दिख रही है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।