अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में वृद्धि के फैसले के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान लाल निशान दिख रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन गुरुवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में वृद्धि कर दी, जिसका नकारात्मक असर एशियाई बाजारों पर भी साफ देखने को मिल रहा है।
चीन-अमेरिकी व्यापार युद्ध में फिर से वृद्धि का एशियाई बाजारों पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में जबरदस्त कमजोरी देखने को मिल रही है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
बुधवार को शुरुआती सत्र में एशियाई बाजारों में खरीदारी देखने को मिल रही है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मजबूत शुरुआत हुई है।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में बढ़त दिख रही है। एशियाई बाजारों के अधिकतर सूचकांक हरे निशान में हैं।
बुधवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में मजबूती दिख रही है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में तेज शुरुआत हुई है।
मंगलवार को एशियाई बाजारों में मजबूत शुरुआत हुई है।
अमेरिकी बाजार में आयी मजबूती का असर बुधवार को एशियाई बाजारों पर भी दिख रहा है।
अमेरिकी बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों से एशियाई बाजारों में आज मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है।
बुधवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती दिख रही है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को एशियाई बाजारों में मजबूत शुरुआत हुई है।
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मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।