कच्चे तेल में उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली होने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
पिछले सप्ताह तेल की कीमतों में लगभग 17% की वृद्धि के बाद गिरावट दर्ज की गयी।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त हो सकती है और कीमतें 2,920 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 3,140 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,180 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 2,980 के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें गिरावट के साथ खुल सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतें गिरावट के साथ खुल कर 4,070-4,120 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट हुई है क्योंकि कोविड-19 महामारी के सबसे बुरे दौर से हाल ही में दर्ज तेजी के बाद माँग को लेकर मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार ऊहापोह में रहा।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।