सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के 3,815-3,915 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों के 3,330-3,370 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों में 3,500-3,480 रुपये तक गिरावट जारी रह सकती है।
उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण सोयाबीन वायदा (अगस्त) की कीमतें कल 6% की गिरावट हुई है और ओपेन इंटरेस्ट भी कम होकर लगभग 3,410 टन रह गया है।
सप्लाई के बाधित होने के कारण सोयाबीन वायदा (जुलाई) की कीमतों के तेजी के रुख के साथ 7,180-7,250 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है। मॉनसून की धीमी प्रगति और प्रमाणित सोयाबीन बीजों की कम उपलब्धता देश में सोयाबीन के प्रमुख दो उत्पादकों मध्य प्रदेश और राजस्थान में तिलहन की खरीफ बुवाई को प्रभावित हो सकती है।
उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण सोयाबीन वायदा (नवम्बर) की कीमतों में कल 1.7% की गिरावट दर्ज की गयी है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें 3,055-3,105 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों के 3,085-3,120 रुपये के दायरे में कारोबर करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों के 3,060-3,015 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं। कम आपूर्ति के कारण बेंचमार्क बाजार इंदौर में सोयाबीन की कीमतें 20 रुपये से बढ़ कर 2,900-3,900 रुपये हो गयी है।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,900-3,950 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।
सोयाबीन (मार्च) वायदा की कीमतें बढ़त दर्ज कर 3,950 रुपये की बाधा को पार कर सकती हैं।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,300-3,320 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना हैं।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।