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सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) का तिमाही मुनाफा घटा, डूबे कर्ज बढ़े

सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank) का 2014-15 की तीसरी तिमाही में मुनाफा 19.93% घट कर 304 करोड़ रुपये रह गया है।

साल 2013-14 की तीसरी तिमाही में बैंक को 379.7 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। बैंक की आमदनी मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 18.16% बढ़ कर 5,921 करोड़ रुपये हो गयी है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह आँकड़ा 5,011 करोड़ रुपये था। तीसरी तिमाही में बैंक के मार्जिन पर भी असर देखने को मिला है। पिछले साल के मुकाबले इस तिमाही में एनआईएम 2.76% से घट कर 2.25% रहा है।

साथ ही बैंक के डूबे कर्ज (NPA) में भी बढ़त देखने को मिली है। तीसरी तिमाही में बैंक का कुल एनपीए 2.80% से बढ़ कर 3.60% हो गया है। तीसरी तिमाही के दौरान पिछले साल के मुकाबले घरेलू बाज़ार में कारोबार 26% , जमा 32% और बाँटा गया कर्ज 19% बढ़ा है। वहीं बैंक ने छोटे और मँझोले उद्योगों को पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा कर्ज दिया है। वित्त वर्ष 2014-15 की तीसरी तिमाही के दौरान बैंक ने 101 नयी शाखाएँ भी खोली हैं। 

इन नतीजों पर शेयर बाजार की प्रतिक्रिया सकारात्मक दिख रही है। नतीजों से पहले इसका शेयर भाव लगभग सपाट चल रहा था, मगर करीब 2.40 बजे यह 9.90 रुपये या 9.48% की जोरदार उछाल के साथ 114.30 रुपये पर आ गया है। (शेयर मंथन, 11 फरवरी 2015)

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