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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेज गिरावट, डॉव जोंस 254 अंक नीचे

अमेरिकी बाजारों से मिले खराब संकेतों से आज एशियाई बाजारों में भी लाल निशान पर कारोबार हो रहा है। अमेरिका में दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होने से गुरुवार को अमेरिकी बाजार में सितंबर महीने के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी।

डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 254.15 अंक या 1.44% गिर कर 17,448.07 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) भी 61.94 अंक या 1.22% या नुकसान के साथ 5,005.08 पर बंद हुआ। एसऐंडपी 500 (S&P 500) में 29.03 अंक या 1.40% की गिरावट दर्ज की गयी और यह 2,045.97 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 के सभी 10 बड़े सूचकांकों में जम कर बिकवाली देखी गयी। सबसे ज्यादा पिटाई ऊर्जा क्षेत्र की हुई है। एनर्जी इंडेक्स 3 हफ्तों के निचले स्तर पर फिसल गया है।
कमोडिटी कीमतों में तेज गिरावट की वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिये हैं। फिलहाल निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर है। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों में अभी और गिरावट आ सकती है।
अमेरिकी बाजार से मिले खराब संकेतों से एशियाई बाजार भी लाल निशान के घेरे में हैं। आज सुबह के शुरुआती कारोबार में चीन के शंघाई कंपोजिट (Shanghai Composite) में 1% से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है। वहीं हांग कांग के सूचकांक हैंग सैंग (Heng Seng) में 2% से ज्यादा की गिरावट आयी है। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स (Straits Times) भी करीब 1% नीचे है। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.89% और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी (Kospi) भी 1% से ज्यादा फिसल गया है। (शेयर मंथन, 13 नवंबर 2015)

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