शेयर मंथन में खोजें

शेयर बाजार

ग्रीस (Greece) में संकट बढ़ने से आज सुबह एशियाई बाजार टूटे

ग्रीस और उसके ऋणदाताओं के बीच बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलने से आज सुबह एशिआई बाजारों (Asian Markets) ने काफी कमजोर शुरुआत की है। वहीं इससे पहले शुक्रवार को यह बातचीत पूरी होने का का इंतजार रहे अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला रुझान देखने को मिला था।

बिकवाली के चलते भारतीय बाजार में गिरावट

भारतीय शेयर बाजार आज गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्रीस और उसके कर्जदाताओं के बीच सुलह की कोशिश फिर विफल रहने के कारण इक्विटी निवेशकों ने जोखिम कम करना शुरू कर दिया जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी।

लौह अयस्क अनुबंध (Agreement) मंजूरी से एमएमटीसी (MMTC) के शेयर 6% तक उछले

सरकार द्वारा उच्च ग्रेड के लौह अयस्क के आपूर्ति अनुबंध (Agreement) के नवीनीकरण (Renewal) को मंजूरी देने के चलते एमएमटीसी (MMTC) के शेयरों में आज 6% से अधिक की तेजी देखने को मिली है।

बीमा विलगाव (demerger) को मंजूरी से मास्टेक के शेयर 20% बढ़े

मास्टेक (Mastek) के शेयरों ने 6 सत्रों  से लगातार तेजी में रहने के बाद शुक्रवार को 15 साल के अपने उच्चतम स्तर को छुआ। यह उछाल बीमा कारोबार मजेस्को (Majesco) के विलगाव (demerger) प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी मिलने से आयी है।

भारतीय बाजार की मंद शुरुआत, सेंसेक्स (Sensex) करीब 100 अंक नीचे

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले खराब संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने आज हफ्ते के आखिरी दिन कमजोरी के साथ शुरुआत की है। शुरुआती लगभग एक घंटे के कारोबार के बाद सेंसेक्स 105 अंक या 0.35% की गिरावट के साथ 27,797 पर है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख