शेयर मंथन में खोजें

माइंडट्री (Mindtree) के मुनाफे में 53.3% की गिरावट

2019 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले अप्रैल-जून तिमाही में माइंडट्री (Mindtree) के मुनाफे में 53.3% की गिरावट दर्ज की गयी।

कंपनी ने 198.4 करोड़ रुपये की तुलना में 92.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। साल दर साल आधार पर माइंडट्री की शुद्ध तिमाही आमदनी 1,839.4 करोड़ रुपये से 0.3% की मामूली गिरावट के साथ 1,834.2 करोड़ रुपये रह गयी।
माइंडट्री का तिमाही एबिटा तिमाही दर तिमाही आधार पर 50.7% की गिरावट के साथ 117.20 करोड़ रुपये और एबिट मार्जिन 652 आधार अंक लुढ़क कर 6.4% रह गया। माइंडट्री की यात्रा और आतिथ्य आमदनी 3.3%, खुदरा, सीपीजी और विनिर्माण आमदनी 0.8%, हाई-टेक और मीडिया आमदनी 0.3% और डिजिटल आमदनी 3.6% बढ़ी।
अलग-अलग क्षेत्रों में से अमेरिका में माइंडट्री की आमदनी में 1%, भारत में 11.7% और शेष विश्व में 5.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। हालाँकि यूरोप में इसकी आमदनी 3% घट गयी।
प्रमुख ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने माइंडट्री के नतीजों को कमजोर बताया है। माइंडट्री की आमदनी और मुनाफा ब्रोकिंग फर्म के अनुमान से कम रहा।
कमजोर नतीजों से आईटी कंपनी के शेयर में गिरावट दिख रही है। बीएसई में माइंडट्री का शेयर 751.95 रुपये के पिछले बंद भाव की तुलना में 695.00 रुपये पर खुल कर 675.05 रुपये के निचले स्तर तक फिसला, जो इसके पिछले 52 हफ्तों का न्यूनतम भाव है।
करीब 10.20 बजे यह 49.30 रुपये या 6.56% की गिरावट के साथ 702.65 रुपये के भाव पर चल रहा है इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 11,561.22 करोड़ रुपये है। वहीं इसके पिछले 52 हफ्तों का शिखर 1,181.90 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 18 जुलाई 2019)

Comments 

sanjay ji agarval
0 # sanjay ji agarval 2019-07-18 17:38
:sigh: :roll: :P
Reply | Report to administrator

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख