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क्या सोने में अभी निवेश करना सही रहेगा या और गिरावट का इंतजार करें?

सोने और चाँदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि फिलहाल सोने का रुझान पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है और यह अभी भी "लोअर टॉप" का पैटर्न बना रहा है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। यदि सोना इस स्तर के नीचे क्लोजिंग देता है तो यह एक नया सेलिंग ट्रिगर बन सकता है, जिससे कीमतों में करीब 10% तक की अतिरिक्त गिरावट आने की संभावना बन सकती है। ऐसे में सोना 3,600 डॉलर के आसपास तक फिसल सकता है।

हालाँकि फिलहाल सोना 4,000 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, इसलिए अभी बड़ी बिकवाली की पुष्टि नहीं मानी जा रही। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि हाल के दिनों में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी फिर से बढ़ी थी, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा कीमतों और डॉलर की मांग भी बाजार की दिशा तय कर सकती है। भारतीय बाजार में इसका असर एमसीएक्स गोल्ड पर भी दिखाई दे सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4,000 डॉलर का समर्थन टूटता है तो एमसीएक्स गोल्ड में भी लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा सकता है। निवेशकों को फिलहाल इस प्रमुख सपोर्ट पर नजर रखते हुए सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।


(शेयर मंथन, 14 जुलाई 2026)

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