भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आ रहा है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि निफ्टी फिलहाल 23,300 के ऊपर बने रहने तक सकारात्मक बना हुआ है और इस स्तर के नीचे क्लोजिंग आने पर ही बाजार की धारणा बदल सकती है। उनका कहना है कि बाजार में मौजूदा समय में कंसोलिडेशन का दौर चल रहा है, जो किसी भी मजबूत तेजी से पहले सामान्य प्रक्रिया होती है। जुलाई के दूसरे सप्ताह से कंपनियों के पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे आने शुरू होंगे और यही बाजार की अगली चाल तय करेंगे। शुरुआती नतीजे आईटी कंपनियों से आएंगे। यदि आईटी सेक्टर की कमेंट्री या गाइडेंस उम्मीद से कमजोर रहती है तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, यदि नतीजे अनुमान से बेहतर रहे तो निवेशकों का भरोसा लौट सकता है और बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय अच्छे शेयरों में धीरे-धीरे निवेश जारी रखने की सलाह दी जा रही है।
(शेयर मंथन, 03 जुलाई 2026)
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