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भूसंपदा

साप्ताहिक निपटान के दिन बाजार में दबाव, सेंसेक्स 241, निफ्टी 72 अंक गिर कर बंद

वैश्विक बाजार से मजबूत संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। डाओ जोंस 525 अंक उछलकर दिन की ऊंचाई के करीब बंद हुआ। वहीं नैस्डैक में 1.5% का उछाल रहा।

जनवरी में सरकार की 6 मिनरल ब्लॉक्स नीलामी की योजना

सरकार जनवरी में 6 मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी कराने की योजना बना रही है। मिनरल ब्लॉक्स की यह नीलामी सरकार ओडिशा और राजस्थान में करने की योजना बना रही है। सरकार की ओर से नीलाम किए जाने वाले इन 6 ब्लॉक्स में से 3 जहां बॉक्साइट के माइन्स के हैं वहीं बाकी 3 लाइमस्टोन के ब्लॉक्स हैं।

दीपक फर्टिलाइजर का माइनिंग, केमिकल कारोबार को अलग करने का फैसला

औद्योगिक रसायन और खाद बनाने वाली कंपनी दीपक फर्टिलाइजर्स ऐंड पेट्रोकेमिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी डीएफपीसीएल (DFPCL) ने कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का ऐलान किया है। इस योजना के तहत कंपनी माइनिंग केमिकल्स और फर्टिलाइजर कारोबार को अलग करने का फैसला लिया है।

ओसीडी (OCD) सब्सक्रिप्शन को लेकर वोडाफोन-आइडिया और एटीसी के बीच सहमति

कर्ज के बोझ से दबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया और इसके वेंडर एटीसी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच सहमति बन गई है। दोनों के बीच यह सहमति ऑप्शनली कंवर्टिबल डिबेंचर्स के सब्सक्रिप्शन की तारीख को बढ़ाकर 28 फरवरी 2023 करने को लेकर बनी है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए लार्सन ऐंड टूब्रो को मिला ऑर्डर

 लार्सन ऐंड टूब्रो को बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी को यह ऑर्डर प्रस्तावित मुंबई-अहमदाबाद ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए मिला है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया है कि यह ऑर्डर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन से मिला है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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