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आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी ने US Treasury Bond ETFs के तहत 200 करोड़ जुटाये

आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड (Aditya Birla Sun Life Mutual Fund) के निवेश प्रबंधक (इन्वेस्टमेंट मैनेजर) आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी ने अपने यूएस ट्रेजरी बॉन्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स (FOF) के एनएफओ (NFO) के तहत 16 अक्तूबर से 30 अक्तूबर 2023 के बीच 200 करोड़ रुपये की पूँजी जुटायी है।

ये दो एफओएफ हैं। इनमें से आदित्य बिड़ला सन लाइफ यूएस ट्रेजरी 1-3 ईयर बॉन्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स ऐसे निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जिनकी निवेश अवधि छोटी होती है और जो संरक्षात्मक (कंजर्वेटिव) जोखिम स्तर लेकर चलते हैं।

वहीं आदित्य बिड़ला सन लाइफ यूएस ट्रेजरी 3-10 ईयर बॉन्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स लंबी अवधि का निवेश करने वाले उन निवेशकों के लिए उचित है, जो कुछ ऊँचा जोखिम ले सकते हैं। इनमें निवेश करके अभी जो कई दशकों का ऊँचा यील्ड चल रहा है, उसका लंबी अवधि तक लाभ उठाना सुनिश्चित किया जा सकता है। इन उत्पादों के अन्य लाभों में पोर्टफोलियो में अवधि (ड्यूरेशन) बढ़ाना और पूँजीगत लाभ (कैपिटल गेन) के अवसर प्राप्त करना शामिल है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय म्यूचुअल फंड योजनाओं के जरिये यूएस ट्रेजरी बॉन्डों में निवेश करने पर इसे लिबरलाइज्ड रेमिटांस स्कीम (एलआरएस) के अंतर्गत विदेशी निवेश के तौर पर नहीं देखा जाता है और इसके निवेश मूल्य की भी कोई सीमा नहीं होती है। साथ ही स्रोत पर संग्रहीत कर (टीसीएस) भी लागू नहीं होता है। ये बातें इसे निवेश का बेहतरीन विकल्प बनाती हैं। इसके अलावा यह भारतीय रुपये की गिरती दर के मुकाबले करेंसी हेजिंग का भी लाभ देता है। इन फंडों में निवेश से परिसंपत्ति वर्ग और भौगोलिक दोनों रूपों में विविधता पायी जा सकती है।

मौजूदा नियामक प्रावधानों के मुताबिक म्यूचुअल फंड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ETF) के जरिये विदेशी निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए प्रति म्यूचुअल फंड 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक की सीमा है। पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक अरब डॉलर की ऊपरी सीमा रखी गयी है।

इस एनएफओ से जुटायी गयी राशि पर आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के प्रबंध निदेशक और मुख्य सीईओ ए. बालासुब्रमण्यम ने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि करीब 7,000 निवेशकों ने इस अनोखे अवसर का लाभ उठाते हुए आदित्य बिड़ला सन लाइफ यूएस ट्रेजरी बॉन्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स एनएफओ में निवेश किया है। हमारा मानना है कि फेडरल रिजर्व अब ब्याज दरों में इजाफा नहीं करेगा और यील्ड में किसी वृद्धि को अमेरिकी ट्रेजरी में खरीदारी के अवसर की तरह देखना चाहिए, क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरों में कमी नये साल के अंत तक या 2025 के शुरुआती महीनों में आरंभ हो जायेगी। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह निष्क्रिय (पैसिव) पेशकश अमेरिकी मूल्यवर्ग की संपत्तियों में आपके निवेश में विविधता लाने का एक उत्कृष्ट रणनीतिक अवसर है। ये दोनों फंड ओपन-एंडेड उत्पाद होने के कारण निरंतर निवेश के लिए खुले हैं।"

(शेयर मंथन, 20 नवंबर 2023)

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