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एनपीए और प्रोविजन बढ़ने से बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को हुआ भारी नुकसान

एनपीए और प्रोविजन में वृद्धि होने के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) को 2018 की जनवरी-मार्च तिमाही में 3,102.34 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।

वहीं 2017 की समान अवधि में इसे 154.72 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। गौरतलब है कि इस दौरान बैंक की एनपीए 180 आधार अंक बढ़ कर 12.3% औऱ प्रोविजन 154.4% की भारी वृद्धि के साथ 6,672.38 करोड़ रुपये के हो गये। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा की कुल आमदनी 0.9% घट कर 12,735.2 करोड़ रुपये रह गयी, जबकि शुद्ध ब्याज आमदनी 11.7% अधिक 4,002.30 करोड़ रुपये रही।
बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रावधान पूँजी अनुपात 67.21%, पूंजी पर्याप्तता अनुपात 12.13%, सीईटी -1 9.23%, 31 मार्च 2017 को 39.44% के मुकाबले सीएएसए अनुपात 31 मार्च 2018 को 41.18% और लागत आय अनुपात 45.67% से बढ़ कर 53.23% रहा।
उधर शुक्रवार को बीएसई में बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 2.50 रुपये या 1.80% की बढ़त के साथ 141.20 रुपये पर बंद हुआ। वहीं इसके 52 हफ्तों का शिखर 206.60 रुपये और निचला स्तर 125.50 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 26 मई 2018)

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