शेयर मंथन में खोजें

मुनाफे में बढ़त से उछला टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) का शेयर

वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले 2018-19 की समान अवधि में आईटी सेवा प्रदाता टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के मुनाफे में 12.4% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

कंपनी ने 798.6 करोड़ रुपये के मुकाबले 897.9 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसी अवधि में भारतीय लेखा मानकों के अनुसार टेक महिंद्रा की शुद्ध आमदनी 7,336.1 करोड़ रुपये से 12.8% की बढ़त के साथ 8,276.3 करोड़ रुपये रही। हालाँकि तिमाही दर तिमाही आधार पर टेक महिंद्रा के मुनाफे में 26.5% की गिरावट और आमदनी में केवल 2.8% की बढ़त हुई है।
डॉलर में देखें तो कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 7.5% की बढ़ोतरी के साथ 13.18 करोड़ डॉलर और आमदनी 7.5% अधिक 122 करोड़ डॉलर रही। इसके अलावा तिमाही आधार पर टेक महिंद्रा के उद्यम व्यवसाय (गैर-दूरसंचार) में पिछली तिमाही के मुकाबले 1.8% की वृद्धि और कॉमविवा व्यवसाय में मीयादी कमजोरी के कारण 6.3% की गिरावट आयी। जनवरी-मार्च के मुकाबले टेक महिंद्रा के यूरोपीय कारोबार में 0.3% और शेष विश्व (यूरोप और अमेरिका को छोड़ कर) व्यापार में 6.3% की गिरावट दर्ज की गयी।
तिमाही आधार पर रहे कमजोर नतीजों में टेक महिंद्रा का एबिट भी 3.3% गिर कर 1,076.10 करोड़ रुपये और एबिट मार्जिन 82 आधार अंकों की गिरावट के साथ 13.00% रह गया।
उधर बीएसई में टेक महिंद्रा के शेयर ने 654.60 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में कमजोरी के साथ 660.00 रुपये पर शुरुआत की। हरे निशान में खुलने के बाद शेयर में और मजबूती आयी है। साढ़े 10 के करीब यह 27.50 रुपये या 4.20% की वृद्धि के साथ 682.10 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 31 जुलाई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख