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गीतांजलि जेम्स ने दी शेयरों के पुनर्खरीद को मंजूरी

गीतांजलि जेम्स के निदेशक मंडल ने 1.20 करोड़ शेयरों के पुनर्खरीद को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बीएसई को भेजी गयी विज्ञप्ति में सूचित किया है कि इन शेयरों के लिए अधिकतम 120 रुपये प्रति शेयर की दर तय की गयी है।

भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव

1.39: भारतीय शेयर बाजारों में एक छोटे दायरे में उतार चढ़ाव दिख रहा है। इस समय सेंसेक्स 46 अंक गिर कर 10,054 पर है। निफ्टी में 8 अंक की कमजोरी है और यह 3,069 पर है। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 1% की बढ़त है। बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सूचकांक में 2.8% से अधिक की बढ़त है। टाटा मोटर्स में 4.4%, डीएलएफ में 4.1% और ओएनजीसी में 2.9% की मजबूती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 5.35%, मारुति सुजुकी में 3.8% और आईसीआईसीआई बैंक में 3.1% की कमजोरी है। 

डॉव जोंस में गिरावट, एशिया मिला-जुला

हालांकि सरकार द्वारा तीन दिग्गज ऑटो कंपनियों के लिए राहत योजना जारी कर दी गयी, लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार को डॉव जोंस में 26 अंकों की गिरावट दर्ज की गयी। आज सुबह एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है।

रिलायंस मोबाइल ने शुरू की क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार सेवा

भारत में टेलीकॉम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपने मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में समाचार सेवा की शुरुआत की घोषणा की है। इस सेवा का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी पसंदीदा भाषा में समाचार उपलब्ध कराना है।

भारतीय शेयर बाजारों में हल्की बढ़त

कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन भारतीय शेयर बाजार हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 24 अंकों की बढ़त के साथ 10,100 पर रहा। निफ्टी 16 अंकों की मजबूती के साथ 3,077 पर बंद हुआ।  भारतीय शेयर बाजारों में दिन के कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और यह दिनभर एक छोटे दायरे में ऊपर-नीचे होते रहे।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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