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आ सकती है बड़ी गिरावट, पर उससे पहले नयी ऊँचाई की संभावना

प्रकाश दीवान

फैमिली ऑफिस संस्थापक 

छोटी अवधि में बाजार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार में साल भर के अंदर एक बड़ी गिरावट शुरू होने की आशंका है, पर उससे पहले बाजार एक नयी ऊँचाई बना सकता है।

मेरा मानना है कि अगले 6 महीनों में सेंसेक्स 89,760 और निफ्टी 27,200 के स्तर तक पहुँच सकते हैं। हालाँकि, उसके बाद जून 2027 तक सेंसेक्स का लक्ष्य नीचे 73,260 और निफ्टी का लक्ष्य 22,200 का बन सकता है। आगे सेंसेक्स को 1 लाख का स्तर हासिल करने में वर्ष 2030 तक का समय लग सकता है।

बाजार के लिए इस समय सबसे सकारात्मक पहलू रक्षा (डिफेंस), एआई और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में पूँजीगत विस्तार (कैपेक्स) है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा के मोर्चे पर जोखिम बाजार के लिए चिंता का विषय हैं। ब्याज दरों के मोर्चे पर यील्ड में दबाव बना तो यह बाजार के लिए नकारात्मक साबित होगा। 

अगले 6 महीनों में कच्चे तेल और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत की आर्थिक वृद्धि की दिशा बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। इन 6 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 91-95 के दायरे में रह सकता है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष का भारतीय बाजार पर प्रभाव सीमित रूप से नकारात्मक रहा है। मेरा मानना है कि अंततः अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है। वहीं भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अगले 3 महीनों में होने की उम्मीद है, लेकिन यदि अगले 3-6 महीनों में ऐसा समझौता होता है, तो इसका भारतीय बाजार पर प्रभाव तटस्थ ही रहने की संभावना है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कॉर्पोरेट आय में 0-10% के दायरे में वृद्धि हो सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में निफ्टी की प्रति शेयर आय (ईपीएस) 1,430 रुपये और 2027-28 में 1,340 रुपये रह सकती है। अगले 12 महीनों में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई), जल क्षेत्र की इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (वॉटर ईपीसी), ऑटोमोबाइल, डेटा सेंटर से जुड़ी सहायक सेवाओं और निर्यात-उन्मुख रसायन कंपनियों से जुड़े क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। 

इसके विपरीत, यूटिलिटीज, रेलवे और रियल एस्टेट अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर सकते हैं। वैश्विक एआई बुलबुला अभी नहीं फूटा है। जब इसका असर कम होना शुरू होगा, तब भारतीय आईटी कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की संभावना बन सकती है। मुझे उम्मीद है कि एआई का बुलबुला फूटने के बाद एफपीआई भारतीय बाजार में फिर से शुद्ध खरीदार बन सकते हैं। मेरी पसंद के प्रमुख 5 शेयरों में वेदांत पावर, डेटामैटिक्स, एथर एनर्जी, लार्सन और रिलायंस शामिल हैं।

(शेयर मंथन, 21 जुलाई 2026)


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