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घरेलू मजबूती के बीच बाजार में तेजी की उम्मीद, लेकिन शेयर चुनने पर दें खास ध्यान

संदीप जैन

निदेशक, ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग

भारतीय बाजार अब व्यापक आधार वाली तेजी की स्थिति में आ गया है, लेकिन बेहतर प्रदर्शन के लिए सही शेयरों का चयन महत्वपूर्ण होगा।

आसान कमाई का दौर पहले ही बीत चुका है। अब बाजार का अगला दौर उन कंपनियों को अधिक पुरस्कृत कर सकता है, जहाँ आय में वृद्धि, कारोबार के बेहतर क्रियान्वयन और उचित मूल्यांकन का संतुलन हो। कोई भी शेयर चुन लेने से पैसा नहीं बनेगा। 

मेरा अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स करीब 82,429 और निफ्टी करीब 25,727 के स्तर तक पहुँच सकते हैं। अगले 12 महीनों में सेंसेक्स के लिए मेरा लक्ष्य 87,095 और निफ्टी के लिए 27,183 है। उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सेंसेक्स को 1 लाख का स्तर हासिल करने में वर्ष 2028 तक का समय लग सकता है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कॉर्पोरेट आय में 0-10% की वृद्धि की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026-27 में निफ्टी की प्रति शेयर आय (ईपीएस) 1,193 रुपये और वित्त वर्ष 2027-28 में 1,347 रुपये रह सकती है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में 6.6% और वित्त वर्ष 2027-28 में 7.2% रहने का अनुमान है।

भारतीय शेयर बाजार के लिए इस समय कई सकारात्मक पहलू हैं। घरेलू निवेश का लगातार बना रहना, अर्थव्यवस्था की मजबूती, पूँजीगत खर्च (कैपेक्स) में निरंतरता और नीतिगत स्थिरता बाजार को सहारा दे रहे हैं। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सक्रिय नीतियाँ भी सकारात्मक हैं। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली में कमी और ऋण बाजार में विदेशी निवेश बढ़ना भी बाजार के लिए सकारात्मक है।

हालाँकि, बाजार के सामने कुछ जोखिम भी हैं। एफआईआई की बिकवाली, जिंस और ऊर्जा की कीमतों का दबाव, आईटी क्षेत्र की कमजोरी, भूराजनीतिक तनाव तथा मॉनसून एवं मौसम से जुड़ी अनिश्चितता प्रमुख चिंताएँ हैं। अगले 6 महीनों में अमेरिका-ईरान संघर्ष और भूराजनीति, कच्चे तेल और वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति, अमेरिकी शुल्क, भारत की आर्थिक वृद्धि, कंपनियों के तिमाही नतीजे तथा महँगाई और ब्याज दरों की दिशा बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे।

अमेरिका-ईरान संघर्ष का भारतीय बाजार पर अब तक हल्का नकारात्मक प्रभाव रहा है। यह कहना अभी मुश्किल है कि अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता हो पायेगा या नहीं। मुझे उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दिसंबर 2026 तक हो सकता है और इससे भारतीय बाजार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

ब्याज दरों की दिशा भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगी। वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी से भारतीय परिसंपत्तियों का तुलनात्मक आकर्षण कम हो सकता है, जिससे पूँजी के बाहर जाने और शेयर बाजार में अस्थिरता का रुझान बढ़ सकता है। घरेलू ब्याज दरों में बढ़ोतरी से कर्ज की लागत बढ़ेगी और इससे बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे ब्याज दर के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर अस्थायी दबाव पड़ सकता है। वहीं ब्याज दरें घटने से इन क्षेत्रों पर सकारात्मक असर होगा। 

मुझे नहीं लगता कि वैश्विक एआई बुलबुला पूरी तरह फूटने की स्थिति में पहुँच चुका है। अभी एआई से जुड़े निवेश में बड़े स्तर पर गिरावट के बजाय मूल्यांकन में सुधार (करेक्शन) देखने को मिल रहा है। इसका भारतीय बाजार पर असर सीमित रह सकता है, क्योंकि भारत एआई-केंद्रित बाजार नहीं है। हालाँकि, आईटी क्षेत्र पर अस्थायी दबाव पड़ सकता है। यदि वैश्विक स्तर पर विदेशी निवेशक अपना निवेश घटाते हैं तो भारतीय बाजार में भी कुछ समय के लिए एफआईआई की बिकवाली बढ़ सकती है।

एफपीआई कब फिर से भारतीय बाजार में शुद्ध खरीदार बनेंगे, यह किसी निश्चित समय से अधिक उन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, जो उन्हें भारत की ओर आकर्षित करेंगी। यदि कॉर्पोरेट आय में वृद्धि जारी रहती है, निजी क्षेत्र के पूँजीगत खर्च में सुधार आता है और रुपया स्थिर होता है, तो विदेशी निवेशकों की वापसी हो सकती है। अगले छह महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 91-95 के दायरे में रहने की संभावना है।

अगले 12 महीनों में मुझे रक्षा (डिफेंस), स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर), बिजली और पावर ग्रिड उपकरण, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), कचरा एवं जल प्रबंधन, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, पूँजीगत वस्तुओं (कैपिटल गुड्स) और निर्माण उपकरण (कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट), ऑटोमोबाइल एवं ऑटो सहायक तथा बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इसके विपरीत, आईटी क्षेत्र अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। वे कंपनियाँ भी कमजोर प्रदर्शन कर सकती हैं, जो आय में वृद्धि और मुक्त नकदी प्रवाह (एफसीएफ) पैदा करने में सक्षम नहीं हैं।

इस समय मेरी पसंद के पाँच प्रमुख शेयर भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, सियाराम सिल्क, ओसवाल पंप्स और मझगाँव डॉक हैं। 

(शेयर मंथन, 21 जुलाई 2026)

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