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कंपनियों की सुर्खियाँ

एचसीएल टेक का तीसरी तिमाही में मुनाफा 17.4% बढ़ा

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एसचीएल (HCL) टेक ने अपने वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की आय कंसोलिडेटेड आधार पर 8.2% बढ़कर 26,700 करोड़ रुपये रही है। पिछली तिमाही में कंपनी की आय 24,686 करोड़ रुपये थी।

जायडस लाइफसाइंसेज की दवा को यूएसएफडीए से अंतिम मंजूरी मिली

 जायडस लाइफसाइंसेज (जिसे पहले कैडिला हेल्थकेयर के नाम से जाना जाता था) की सब्सिडियरी को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यूएसएफडीए से दवा के लिए मंजूरी मिली है। दवा के लिए यह अंतिम मंजूरी कंपनी की सब्सिडियरी जायडस वर्ल्डवाइड डीएमसीसी (DMCC) को मिली है।

सन फार्मा ने ब्रेस्ट कैंसर की दवा भारत में उतारी

दवा की नामी कंपनी सन फार्मा ने Palbociclib (पाल्बोसिलिब) नाम से एक नई दवा को बाजार में उतारा है। इस दवा का इस्तेमाल एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के इलाज में किया जाता है। इस दवा के साथ कंपनी ने मरीजों के लिए एक खास तरह की मदद कार्यक्रम भी पेश की है।

कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन बाजार गिरावट के साथ बंद

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखा गया। कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली देखी गई। डाओ जोंस ऊपरी स्तर से 420 अंक लुढ़ककर 110 अंक गिर कर दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ।

तीसरी तिमाही में टीसीएस (TCS) का मुनाफा 4 फीसदी बढ़ा

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) ने अपने वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की आय तिमाही आधार पर 10.6% बढ़कर 58,229 करोड़ रुपये रही है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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