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खरीदना चाहते हैं अपना घर? पत्नी के नाम पर लें प्रॉपर्टी, होंगे कई फायदे

अपनी जमा पूँजी से घर खरीदना हर किसी की सपना होता है। लेकिन उसके लिए सिर्फ बचत काफी नहीं होती है, बल्कि सही जानकारी और योजना का होना भी जरूरी होता है। अगर आप भी अपना घर खरीदना चाहते हैं तो इसे अपनी पत्नी के नाम पर खरीदकर लाभ उठा सकते हैं।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, जानें अब कितना रह गया?

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 28 फरवरी को समाप्त हफ्ते में 1.781 अरब डॉलर की गिरावट देखी गयी है। इसके बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार 638.698 अरब डॉलर रह गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक ने दी है। पिछले कुछ समय से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल, यह चार महीनों की गिरावट के बाद 11 महीने के निचले स्तर पर आ गया है।

सारे एक्सचेंज में एक ही दिन होनी चाहिए एक्सपायरी : आशीष चौहान, एनएसई प्रमुख

देश में कारोबार कर रहे एक्सचेंजों में डेरिवेटिव सौदों के समाप्ति दिवस पर तना तनी कोई नयी बात नहीं है। हाल ही में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा साप्ताहित समाप्ति सोमवार करने के एलान के बाद इसके एमडी और सीईओ आशीष चौहान ने एक कार्यक्रम के दौरान सारे एक्सचेंज की एक ही दिन एक्सपायरी करने की बात कही है।

देश की प्रगति के लिए जरूरी हैं विदेशी निवेशक, बातचीत से बनेगा सकारात्मक माहौल : सेबी प्रमुख

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख के तौर पर 1 मार्च से कार्यभार संभालने वाले तुहिन कांत पांडे एक्शन में दिख रहे हैं। एक कार्यक्राम में उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार में कामकाज से संबंधित नियमों को आसान बनाने पर काम करेंगे।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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