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कल्याण ज्वेलर्स के शेयर 18% की छलाँग से 52 हफ्तों के शिखर पर पहुँचे

कल्याण ज्वेलर्स इंडिया का शेयर शुक्रवार (16 जून) को शेयर बाजार में बड़ी ब्‍लॉक डील के बाद 18% चढ़ कर 52 हफ्तों के उच्‍च स्‍तर पर पहुँच गया। आज छह ब्लॉक सौदों में 6.2% इक्विटी का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 6.4 करोड़ शेयरों में आदान-प्रदान हुआ।

मई में 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुँचा भारत का व्यापार घाटा

देश का कुल व्यापार घाटा इस साल मई में कम होकर 10.35 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 12.20 अरब डॉलर था। सरकार की ओर से गुरुवार (15 जून) को यह आँकड़े जारी किये गये। वाणिज्य सचिव सुनील भरतवाल ने कहा कि व्यापार घाटा काफी कम हुआ है। अप्रैल और मई में कुल व्यापार घाटा 35.41 प्रतिशत कम है।

KEC International को 1,373 करोड़ रुपये के ऑर्डर से 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुँचा शेयर

केईसी इंटरनेशनल (KEC International Ltd) को विभिन्न व्यवसायों में 1,373 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने से इसके शेयर के भाव बुधवार (14 जून) को शुरुआती कारोबार में 6% की उछाल के साथ 52 हफ्तों के उच्‍च स्‍तर 586 रुपये पर पहुँच गये। कंपनी के रेलवे कारोबार ने भारत में तकनीकी रूप से सक्षम और पारंपरिक/उभरते क्षेत्रों में ऑर्डर हासिल किए हैं।

Zee Entertainment मामले में सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका ने सैट का दरवाजा खटखटाया

सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के मंगलवार (13 जून) के उस अंतरिम आदेश के खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) का रुख किया, जिसमें उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों का पद संभालने से रोक दिया गया था।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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