शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

आईपीओ के लिए मुथूट माइक्रोफाइनेंस लिमिटेड ने सेबी को दोबारा दी अर्जी

मुथूट माइक्रोफाइनेंस लिमिटेड ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास आईपीओ (IPO) के लिए दोबारा अर्जी दी है। आपको बता दें कि यह मुथूट पप्पाचन ग्रुप (Muthoot Pappachan Group) की माइक्रोफाइनेंस सब्सिडियरी है। कंपनी की आईपीओ के जरिए 1350 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इससे पहले कंपनी ने 2018 में आईपीओ के लिए अर्जी दाखिल की थी।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के डीलिस्टिंग प्रस्ताव को आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड से मंजूरी

देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक आईसीआईसीआई (ICICI BANK) ने आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के डीलिस्टिंग के लिए स्कीम ऑफ अरैंजमेंट के ड्राफ्ट स्कीम को मंजूरी दे दी है। इसके लिए बैंक ने शेयर जारी करने को मंजूरी दी है।

आठ साल में बंधन बैंक की शाखाएं तिगुना हुई

निजी क्षेत्र की बैंक बंधन बैंक ने बुधवार को एक्सचेंज को जानकारी दी कि बैंक ने 8 साल के कारोबार में शाखाओं की संख्या तिगुना कर ली है। फिलहाल बैंक की कुल शाखाएं देशभर में 1500 के करीब हैं।

प्रोमोटर ने अदाणी एंटरप्राइजेज में बेची हिस्सेदारी, जीक्यूजी ने अदाणी ग्रीन में बढ़ाई हिस्सेदारी

आज अदाणी ग्रुप के दो शेयरों में बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली। अदाणी ग्रीन एनर्जी के 1.19 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील हुई है। यह शेयर गोल्डमैन सैक्स जीक्यूजी (GQG) ने खरीदे हैं। वहीं अदाणी परिवार ने अदाणी एंटरप्राइजेज के 1.8 करोड़ शेयरों की बिक्री की है। एसबी अदाणी फैमिली ट्रस्ट ने शेयरों की बिक्री से करीब 4140 करोड़ रुपये मिले हैं। इन शेयरों की बिक्री 2300 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख