शेयर मंथन में खोजें

एबीबी इंडिया और इन्फोसिस बेचें, टाटा केमिकल्स खरीदें : रिलायंस सिक्योरिटीज

रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने बुधवार (03 अप्रैल) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मार्केट लेंस में एबीबी इंडिया (ABB India Ltd) और इन्फोसिस (Infosys Ltd) के स्टॉक में पोजीशन शॉर्ट करने, जबकि टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals Ltd) का स्टॉक खरीदने की सलाह दी है। 

ब्रोकिंग कंपनी ने एबीबी इंडिया का स्टॉक बेचने का परामर्श दिया है। इसे 6478-6526 के दायरे में बेच सकते हैं। इसके लिए 6331 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 6600 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 6430 रुपये था। 

आज इन्फोसिस का स्टॉक 1494-1505 रुपये के दायरे में बेचने की सलाह दी है। इसके लिए 1460 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 1522 रुपये के स्तर पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1483 रुपये था।

ब्रोकिंग कंपनी ने टाटा केमिकल्स के स्टॉक को 1077-1086 रुपये के दायरे में खरीदने का सुझाव दिया है। इसके लिए 1113 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 1071 रुपये पर सख्त स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगाा। इन शेयरों का पिछला बंद भाव 1094 रुपये था।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 03 अप्रैल 2024)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख