शेयर मंथन में खोजें

अंबिका कॉटन शेयरों में लौट सकती है तेजी, क्या फिर आएगा 1700 का स्तर?

ऋषिका जानना चाहती हैं कि उन्हें पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Ambika Cotton) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने शेयर को करीब 1770 रुपये के भाव पर खरीदा था और पिछले तीन वर्षों से इसमें निवेश बनाए हुए हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि फिलहाल कंपनी के तकनीकी संकेत धीरे-धीरे सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं और चार्ट पर एक मजबूत “बेस फॉर्मेशन” बनता दिखाई दे रहा है। शेयर ने पिछले दौर में करीब 1100 रुपये तक का स्तर भी देखा था, लेकिन माना जा रहा है कि वह गिरावट सामान्य परिस्थितियों की तुलना में ज्यादा थी और उस समय वैश्विक तनाव तथा युद्ध जैसे कारणों का असर बाजार पर दिखाई दिया था। अब तकनीकी रूप से स्टॉक धीरे-धीरे स्थिर होता नजर आ रहा है। चार्ट पैटर्न यह संकेत दे रहे हैं कि यदि बेस फॉर्मेशन मजबूत बना रहता है तो आने वाले समय में शेयर में धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।

तकनीकी स्तरों की बात करें तो 1550 रुपये के आसपास एक अहम रेजिस्टेंस दिखाई दे रहा है। यदि शेयर लगातार दो-तीन दिनों तक इस स्तर के ऊपर क्लोजिंग देने में सफल रहता है, तो इसमें आगे की रैली तेज हो सकती है।  उसके बाद शेयर दोबारा 1700 रुपये के स्तर की ओर बढ़ सकता है। हालांकि 1700 के आसपास पहुंचने के बाद स्टॉक का फिर से मूल्यांकन करना जरूरी होगा, क्योंकि वहीं से अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल बाजार विशेषज्ञ का मानना है कि अंबिका कॉटन मिल्स में जोखिम बहुत ज्यादा नहीं दिख रहा है। हालांकि शेयर थोड़े समय के लिए ओवरबॉट स्थिति में जा सकता है और इसमें हल्का प्राइस करेक्शन भी देखने को मिल सकता है। लेकिन जब तक शेयर 1350 रुपये के नीचे लगातार क्लोज नहीं करता, तब तक इसका मौजूदा सकारात्मक ट्रेंड टूटता हुआ नहीं माना जाएगा। तकनीकी संरचना को देखते हुए आने वाले समय में शेयर के 1700 रुपये की ओर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।


(शेयर मंथन, 07 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख