भारतीय शेयर बाजार में इस समय निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले महीनों में कौन से सेक्टर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अब केवल बड़े और चर्चित सेक्टरों के पीछे भागने का समय नहीं है, बल्कि उन क्षेत्रों को पहचानने की जरूरत है जहां नया ग्रोथ साइकिल शुरू होने वाला है। फिलहाल बीएफएसआई और आईटी सेक्टर अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह मजबूत नहीं दिख रहा, जबकि आईटी सेक्टर पर वैश्विक सुस्ती और विदेशी बाजारों की कमजोरी का असर साफ नजर आ रहा है। ऐसे माहौल में कुछ सेक्टर ऐसे हैं जहां अगले दो से तीन साल में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।
ऑटो सेक्टर उनमें सबसे आगे माना जा रहा है। ऑटो इंडेक्स लगातार मजबूती दिखा रहा है और नए हाई की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है। लेकिन इस बार कहानी केवल कार या टू-व्हीलर कंपनियों की नहीं है। असली अवसर उन कंपनियों में दिखाई दे रहे हैं जो ऑटो सेक्टर को कंपोनेंट्स और टेक्नोलॉजी सप्लाई करती हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और स्मार्ट फीचर्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण वाहनों में टेक्नोलॉजी का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि ऑटो एंसिलरी कंपनियां आने वाले समय में बड़ी कमाई करा सकती हैं। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेशकों को ज्यादा अवसर मिल सकते हैं।
फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर भी निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बनते जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में फार्मा इंडेक्स ने ज्यादा रिटर्न नहीं दिया, लेकिन अब इसमें मजबूत उछाल की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बाजार पर आधारित फार्मा कंपनियां ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। जिन कंपनियों का बिजनेस भारत में मजबूत है और जो डायग्नोस्टिक्स, फार्मा रिटेल, एपीआई और सीडीएमओ जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, वे आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। हेल्थकेयर सेक्टर में अस्पतालों की कंपनियां भी मजबूत हैं, लेकिन उनके वैल्यूएशन काफी महंगे हो चुके हैं। इसलिए वहां निवेशकों को बेहद सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।
कैपिटल गुड्स सेक्टर को लेकर भी बाजार में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। देश में आने वाले समय में प्राइवेट कैपेक्स यानी निजी कंपनियों का निवेश बढ़ सकता है, जिससे इस सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि सीधे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में निवेश करने की बजाय उन कंपनियों पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर माना जा रहा है जो मशीनरी, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और फैक्ट्री सेटअप से जुड़े पार्ट्स बनाती हैं। ऐसी कंपनियों में मार्जिन बेहतर होते हैं और कमाई भी ज्यादा स्थिर रहती है।
पावर सेक्टर को लेकर राय थोड़ी मिश्रित जरूर है, लेकिन इसमें अवसर खत्म नहीं हुए हैं। पिछले कुछ सालों में पावर शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और कई स्टॉक्स काफी महंगे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि पावर इंडेक्स में अभी एक और बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि यहां निवेशकों को बहुत सतर्क रहना होगा। रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में वैल्यूएशन काफी ऊंचे हैं, इसलिए पारंपरिक पावर और पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना बेहतर रणनीति हो सकती है।
(शेयर मंथन, 11 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)