विश्व बैंक ने अगले साल के लिए चीन के विकास दर के अपने अनुमान में कमी कर दी है। उसका कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद साल 2009 में चीन की अर्थव्यवस्था में 7.5% की दर से वृद्धि दर्ज की जायेगी। ध्यान रहे कि कुछ महीने पहले विश्व बैंक ने चीन की अर्थव्यवस्था के 9.2% की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। बैंक ने इस साल के चीन के विकास दर के अनुमान को भी 9.8% से घटा कर 9.4% कर दिया है। बैंक का मानना है कि अमेरिका, जापान और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में आयी मंदी का असर निश्चित तौर पर चीन पर पड़ेगा। विश्लेषकों के विचार में यदि विश्व भर में लोगों की क्रय शक्ति पर असर पड़ेगा, तो निश्चय ही इन देशों में चीन द्वारा निर्यात की गयी वस्तुओं को खरीदने वालों की संख्या में कमी आयेगी। इसकी वजह से चीन में लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।
एआई बबल (AI Bubble) – यानी कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई) पर केंद्रित शेयरों में बुलबुला – इस मुद्दे पर सारी दुनिया में बहस चल रही है और भारत में एआई की ज्यादा कहानियाँ नहीं होने के बाद भी भारत का इस मुद्दे से बहुत लेना-देना है।