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म्यूचुअल फंड निवेश : डर या लालच से नहीं, धैर्य के साथ टिकने पर मिलता है बड़ा रिटर्न

म्यूचुअल फंड्स में आप पाई पाई जोड़ कर पूँजी खड़ी करने के लिए आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका गलत समय पर फंड से निकलना भारी नुकसान करवा सकता है।शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से घबरा कर निवेशक अक्सर असमय फंड से बाहर निकलने का फैसला कर लेते हैं, जो उनके दीर्घावधि लक्ष्य के लिए हानिकारक सिद्ध होता है।  

अक्षय तृतीया पर मोतीलाल ओसवाल दे रहा सोना खरीदने की सलाह, दिया इतने का लक्ष्य भाव

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोने में निवेश करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। प्रमुख ब्रोकरेज कंपनी मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल) को आने वाले दिनों में सोना और महँगा होने की उम्मीद दिख रही है। इस कारण उसने निवेशकों को सोना खरीदने की सलाह दी है।

आरबीआई को है विश्वास, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद 6.5% की दर से बढ़गी देश की अर्थव्यवस्था

दुनिया भले ही कहे कि इस साल भारत की जीडीपी विकास दर 6.3% रहेगी लेकिन RBI का मानना है कि 6.3% नहीं जीडीपी विकास दर 6.5% रहेगी। मौजूदा वित्त वर्ष-2025-26 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपना नया अनुमान जारी कर दिया है। 

टैरिफ वॉर : अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर से भारत को हो सकता है दोहरा लाभ

टैरिफ पर अमेरिका और चीन लड़ रहे हैं और उसका फायदा भारत को मिल रहा है। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर 145% तक का टैरिफ लगाया है। हालाँकि ट्रंप भी इसे ज्यादा मानते हैं लेकिन इससे चीनी कंपनियों की साँस फूलने लगी है। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनके हाथ से अमेरिका का बाजार निकल न जाये। इसलिए ये अब भारत की तरफ देख रही है।

जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रवर्तकों के खिलाई ईडी की कार्रवाई, ब्लूस्मॉर्ट के पुनीत सिंह जग्गी गिरफ्तार

हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं ‘लालच बुरी बला है’, यानी लालच का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है। इसकी बानगी किस हद तक पहुँच चुकी है और नतीजा क्या होता है इसका सबसे ताजा उदाहरण जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड के सह संस्थापक पुनीत और अनमोल जग्गी के खिलाफ होती कार्रवाई है। कंपनी बंद होने के कगार पर है और दोनों मालिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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