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एसऐंडपी ने भी भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान घटाया, जानें क्या कारण हैं जिम्मेदार

गोल्डमैन सैक्स के बाद एक और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एस एंड पी ने अगले दो सालों के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि अनुमान में संशोधन किया है। अमेरिकी एजेंसी ने इसके लिए ऊँची ब्याज दरों और सरकारी खर्चों में कटौती से शहरी माँग के कमजोर होने को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।

ट्रंप सरकार की नीतियों से भारत को होंगे कई फायदे, आईटी-दवा-डिफेंस कंपनियों को मिलेंगे नये मौके

नये साल की शुरुआत के साथ अमेरिका में डोनाल्यीड ट्रंप के नेतृत्व में नयी सरकार अस्तित्व में आ जायेगी। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर बड़े असर दिख सकते हैं। भारत भी उनसे अप्रभावित नहीं रहने वाला है। मोतीलाल ओसवाल की एक हालिया रपट की मानें तो ट्रंप सरकार की व्यापार नीतियाँ भारत को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती हैं।

सेंट्रल बैंक को इटली के जनरेले समूह के साथ बीमा कारोबार में उतरने की मंजूरी मिली

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बीमा कारोबार में उतरने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी भी मिल चुकी है। खबरों के मुताबिक सेंट्रल बैंक इटली के जनरेले समूह के साथ भारत के बीमा कारोबार में कदम रखेगा।

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाया, भारतीय शेयर बाजार रह सकता है सपाट

गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि साल दर साल (वाईओवाई) आधार पर कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि घटकर 6.3% रह जायेगी। हालाँकि, अमेरिका और चीन के बीच होने वाले संभावित व्यापारिक युद्ध से होने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों से भारत अपेक्षाकृत बचा रहेगा। इसके अलावा इसने अगले तीन महीने भारतीय शेयर बाजार के सपाट रहने की आशंका व्यक्त की है।

SBI से लेकर ICICI बैंक तक... कौन सा बैंक दे रहा एफडी पर ज्यादा ब्याज?

ज्यादातर लोग एफडी को निवेश का बेहतर और सुरक्षित विकल्प मानते हैं। लेकिन सभी बैंकों में एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर अलग-अलग होती है। समय-समय पर बैंक इन पर मिलने वाले ब्याज दरों में बदलाव भी करते रहते हैं। मसलन, यस बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर विशेष अवधि के लिए एफडी की ब्याज दरों में कटौती की है। यह कटौती 25 आधार अंकों (बीपीएस) की हुई है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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