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जनता को महँगाई पर दोहरी राहत, खुदरा म‍हँगाई के बाद थोक महँगाई दर (WPI) भी घटी

आम जनता के लिए महँगाई के मोर्चे एक और राहत की खबर आयी है।

खुदरा म‍हँगाई दर के बाद मासिक आधार पर थोक महँगाई दर (WPI) में भी गिरावट दर्ज की गयी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आँकड़ों के अनुसार अक्टूबर में 5.28% के मुकाबले नवंबर 2018 में थोक महँगाई दर घट कर 4.64% रह गयी। जानकारों के मुताबिक खाद्य उत्पादों और सब्जियों की कीमतों में गिरावट थोक महँगाई दर घटने का मुख्य कारण है।
अगस्त के बाद से यह थोक महँगाई में सबसे बड़ी राहत है। इस साल अगस्त में थोक महँगाई दर 4.62% रही थी।
नवंबर में महीने दर महीने आधार पर ईंधन और विद्युत महँगाई दर 18.44% से घट कर 16.28%, प्राथमिक वस्तु, जिनमें खाद्य उत्पाद शामिल हैं, महँगाई दर 1.79% से घट कर 0.88% और ईंधन तथा ऊर्जा की थोक महँगाई दर 18.44% से गिर कर 16.28% और विनिर्माण उत्पादों की थोक महँगाई दर 4.49% की तुलना में 4.21% रह गयी। (शेयर मंथन, 14 दिसंबर 2018)

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