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राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-विरोधी प्राधिकरण ने लगाया हिंदुस्तान यूनिलीवर पर 383 करोड़ रुपये का जुर्माना

राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-विरोधी प्राधिकरण (एनएए) ने हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) पर 383 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

एनएए ने एफएमसीजी पर यह जुर्माना जीएसटी पर मुनाफाखोरी के कारण लगाया है। इस खबर से आज हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर दबाव में है।
एनएए ने कहा है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर ने जीएसटी का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँचाया। मुनाफा नियामक ने सिंतबर में ही घोषणा की थी कि जीएसटी दर घटने पर यदि कंपनियों ने इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया तो उन पर जुर्माना लगाया जायेगा।
एनएए ने यह भी चेतावनी दी थी कि नियमों का पालन न करने पर लाभ की राशि उपभोक्ता को लौटानी होगी और आपूर्तिकर्ता का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
बीएसई में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 1,783.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज 1,759.00 रुपये पर खुल कर अभी तक के कारोबार में हरे निशान में नहीं आ सका है। सवा 11 बजे के करीब कंपनी के शेयरों में 13.05 रुपये या 0.73% की कमजोरी के साथ 1,770.50 रुपये पर सौदे हो रहे हैं। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 3,83,694.85 करोड़ रुपये है। (शेयर मंथन, 26 दिसंबर 2018)

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