शेयर मंथन में खोजें

आज बाजारों के कमजोर रहने की संभावना

आरके गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंड

वैश्विक संकेतों के नकारात्मक होने की वजह से आज भारतीय शेयर बाजारों में कमजोर शुरुआत होने की संभावना है और दिन भर यह कमजोरी बनी रह सकती है। अमेरिका में मेरिल लिंच के घाटे में जाने का अनुमान है, जिसका नकारात्मक असर बाजारों पर पड़ सकता है। इस समय बाजार पूरी तरह खबरों पर आश्रित हो गया है। अगर दो दिनों तक कोई नकारात्मक खबर नहीं आती, तो बाजार की भावना सकारात्मक हो जाती है और कोई भी नकारात्मक खबर बाजार को फिर से निराशा की ओर ढकेल देती है। इसी के अनुरूप लोग बिकवाली करते हैं और फिर शॉर्ट कवरिंग करने लगते हैं। इसकी वजह से बाजारों में एक निश्चित सीमित दायरे में कारोबार दिख रहा है।

अभी तक भारतीय कंपनियों के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के जो नतीजे आये हैं, वे बाजारों के अनुमानों के अनुरूप ही रहे हैं। इनमें किसी भी नतीजे ने ज्यादा चौंकाया नहीं है। लेकिन असली चिंता अमेरिकी कंपनियों के नतीजों को लेकर है। अमेरिकी कंपनियों के नतीजे खराब आ रहे हैं और निश्चित तौर पर इनका वैश्विक बाजारों पर बुरा असर पड़ेगा। जब तक नतीजे आने का सिलसिला चल रहा है, तब तक बाजारों के एक निश्चित दायरे में ही रहने का अनुमान है। निफ्टी के लिए नीचे 2700 और फिर 2600 पर समर्थन है, लेकिन जनवरी महीने में निफ्टी का दायरा 2500-2900 के बीच रहने का अनुमान है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख