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मजबूत जीडीपी ग्रोथ और निवेश चक्र से रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा सहारा : विवेक राठी

भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में रियल एस्टेट क्षेत्र (Real Estate Sector) के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार किया है।

नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) के नेशनल डायरेक्टर - रिसर्च विवेक राठी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि (GDP Growth) 7.8% रहना और वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही की संशोधित 8.6% वृद्धि यह दर्शाती है कि लगातार भूराजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

विवेक राठी ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि व्यापक आधार पर देखने को मिली है। पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि 9.2% रही, जबकि सेवाओं से जुड़ी अर्थव्यवस्था (सर्विसेज इकोनॉमी) ने भी मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। खास तौर पर वित्तीय (फाइनेंशियल), रियल एस्टेट, आईटी और पेशेवर सेवाओं (प्रोफेशनल सर्विसेज) से जुड़े क्षेत्र में 12.1% की वृद्धि दर्ज की गयी। यह आँकड़ा इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र और रियल एस्टेट से जुड़ी गतिविधियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में निवेश चक्र भी मजबूत हुआ है। पहली तिमाही में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF) में 11.9% की वृद्धि हुई। जीएफसीएफ को अर्थव्यवस्था में नये निवेश और पूँजी निर्माण का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। इसके साथ ही निजी खपत में 7.1% और निर्माण क्षेत्र (कंस्ट्रक्शन सेक्टर) में 7.7% की वृद्धि हुई। इन आँकड़ों से संकेत मिलता है कि देश में निवेश के साथ-साथ घरेलू माँग और निर्माण गतिविधियाँ भी आर्थिक विकास को समर्थन दे रही हैं।

रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए इन आँकड़ों का महत्व काफी ज्यादा है। मजबूत सेवा क्षेत्र, बढ़ता निवेश और घरेलू खपत मिल कर आवासीय, व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) रियल एस्टेट बाजार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना रहे हैं। खास तौर पर रोजगार और आय से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में मजबूती आने पर घरों की माँग बढ़ सकती है, जबकि कारोबार और निवेश में बढ़ोतरी से ऑफिस, वेयरहाउस और इंडस्ट्रियल स्पेस की माँग को भी समर्थन मिल सकता है।

विवेक राठी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अगर आर्थिक वृद्धि, निवेश और घरेलू खपत की यह गति बनी रहती है, तो रियल एस्टेट क्षेत्र को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। मजबूत आर्थिक माहौल डेवलपरों और निवेशकों के लिए भरोसे का वातावरण तैयार कर सकता है और इससे रियल एस्टेट बाजार में गतिविधियाँ और तेज हो सकती हैं।

(शेयर मंथन, 31 अगस्त 2026)

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