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बजाज फाइनेंस में 2 साल का निवेश कितना सही? विशेषज्ञ ने बताया कब करें एंट्री और कब लें मुनाफा

रोशन जानना चाहते हैं कि उन्हें बजाज फाइनेंस  (Bajaj Finance) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि कंपनी की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बजाज फाइनेंस देश की सबसे मजबूत और भरोसेमंद एनबीएफसी (NBFC) कंपनियों में शामिल है। कंपनी का एसेट साइज लगातार बढ़ रहा है और बिजनेस ग्रोथ भी अच्छी है। हालांकि, उनका मानना है कि शेयर का प्राइस-टू-बुक (P/B) वैल्यूएशन काफी ऊंचे स्तर पर है। उनके मुताबिक, 3 से 3.5 गुना तक का प्राइस-टू-बुक उचित माना जा सकता है, लेकिन मौजूदा स्तर पर यह करीब 5 गुना या उससे अधिक के आसपास है। ऐसे ऊंचे वैल्यूएशन पर लंबे समय तक शानदार वेल्थ क्रिएशन की उम्मीद करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत में क्रेडिट की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही एनबीएफसी, स्मॉल फाइनेंस बैंक और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की संख्या भी बढ़ रही है। बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल में समय के साथ वैल्यूएशन सामान्य स्तर पर आने की संभावना रहती है। यही कारण है कि मजबूत बिजनेस होने के बावजूद Bajaj Finance के शेयर में लंबे समय तक केवल वैल्यूएशन के दम पर तेज रिटर्न मिलने की संभावना सीमित हो सकती है।

यदि बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहता है तो शेयर में और तेजी आ सकती है। लेकिन निवेशकों को इस तेजी का इस्तेमाल मुनाफावसूली के अवसर के रूप में भी देखना चाहिए। उनके अनुसार, यह एक उच्च गुणवत्ता वाली कंपनी जरूर है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए इसमें लंबे समय तक बिना समीक्षा किए बैठे रहने के बजाय समय-समय पर अपने निवेश की समीक्षा करना अधिक समझदारी होगी।


(शेयर मंथन, 30 जून 2026)

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