शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी राहत

सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बड़ी कटौती का फैसला किया है। घटी हुई कीमतें शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि से लागू हो जायेंगी। 

ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल ने तोड़ी खुदरा व्यापारियों की कमर

ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल में हो रही जबरदस्त खरीदारी के कारण खुदरा व्यापार को जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ रहा है।

औद्योगिक उत्पादन में हुई वृद्धि दर्ज

केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा जारी किये गये ताजा आँकड़ों में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर में बढ़त देखने को मिल रही है।

हाई कोर्ट ने दिये इमारतें गिराने के आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के पतवारी गांव की श्मशान की जमीन पर बनायी गयी इमारतें गिराने का फैसला सुनाया है।

अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 35.8% की बढ़ोतरी

अप्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 35.8% बढ़ कर 3.24 करोड़ रुपये रहा है।

सितंबर में कारों की बिक्री बढ़ी लेकिन दोपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट

भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स सोसायटी ने सितंबर माह में कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री के आँकड़े जारी कर दिये हैं।

केनरा बैंक समेत कई बैंकों ने घटायी आधार दर

रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती करने के बाद एक के बाद एक बैंक अपनी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर रहे हैं।

एचडीएफसी बैंक ने 0.25% घटायी ब्याज दरें

आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती करने के बाद से ही तमाम बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में कटौती कर दी है। इसी सूचि में नया नाम एचडीएफसी बैंक का भी जुड़ गया है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख