क्या आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में गिरावट के बाद निवेश का मौका बन रहा है?
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के शेयर में हाल की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या मौजूदा स्तर पर इसमें निवेश का मौका बन रहा है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के शेयर में हाल की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या मौजूदा स्तर पर इसमें निवेश का मौका बन रहा है।
IT इंडेक्स में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के सामने एक दिलचस्प स्थिति पैदा कर दी है।
स्टेनली लाइफस्टाइल को लेकर सिमर सिद्धू का सवाल है। उन्होंने करीब ₹155 के भाव पर 2,500 शेयर खरीदे हैं और अब शेयर गिरकर लगभग ₹135 के आसपास आ गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ कच्चे तेल और भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
भारतीय आईटी सेक्टर पिछले कुछ समय से निवेशकों की निराशा का कारण बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, अमेरिकी बाजारों की अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव ने इस सेक्टर के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच रियल एस्टेट सेक्टर की कई कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में दबाव देखने को मिला है। ऐसी ही एक कंपनी लोटस डेवलपर्स है, जिसके शेयरों में हालिया गिरावट के कारण कई निवेशक चिंतित हैं।
नयी उम्र की कंपनियों में निवेश को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है, लेकिन अर्बन कंपनी का हालिया प्रदर्शन कई सवाल खड़े करता है।
राज शर्मा जानना चाहते हैं कि उन्हें केन्स टेक्नोलॉजी (Keyan Technology) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (ऑयल) की कीमतों को लेकर भविष्यवाणी करना आज के समय में लगभग असंभव हो गया है, क्योंकि इसमें भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन की बाधाएं और वैश्विक मांग जैसे कई अनिश्चित कारक शामिल हैं।
पिछले सप्ताह निफ्टी बैंक में भी व्यापक बाजार की तरह ही उतार-चढ़ाव भरा रुख देखने को मिला। शुरुआत एक बड़ी गिरावट वाली लाल कैंडल से हुई, इसके बाद एक डोजी कैंडल बनी, जो अनिश्चितता का संकेत देती है।
पावर और एनर्जी सेक्टर की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए इसे अलग-अलग हिस्सों में देखना जरूरी है। निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या पॉवर सेक्टर के शेयरों में अभी पैसा लगायें?
देश के वाहन उद्योग में बीते महीने के दौरान माँग मजबूत बनी रही और अधिकांश वाहन श्रेणियों में बिक्री में 10% से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी। उद्योग संगठन सियाम के अनुसार, घरेलू बाजार में कंपनियों से डीलरों को भेजे जाने वाले पैसेंजर वाहनों की खेप (dispatch) सालाना आधार पर 10.6% बढ़ कर 4,17,705 इकाइयों पर पहुँच गयी। पिछले साल फरवरी में यह आँकड़ा 3,77,689 इकाइयों का रहा था।
बजट भाषण के दौरान एसटीटी से जुड़ी घोषणा आते ही बाजार में जबरदस्त अफरातफरी देखने को मिली। बजट से पहले बाजार में बहुत ज्यादा पॉजिटिव उम्मीदें नहीं थीं, लेकिन इतनी नकारात्मक प्रतिक्रिया की भी तैयारी नहीं थी।
मोहित जानना चाहते हैं कि उन्हें सेल (SAIL) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उनके पास इस शेयर के 500 शेयर हैं, खरीद भाव 104 रुपये है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
एंबिट एसेट मैनेजमेंट के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ रस्तोगी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार ने अब तक अपनी अधिकांश कमजोरियों को कीमतों में समाहित कर लिया है।
बैंकिंग सेक्टर में तिमाही नतीजों का सीजन शुरू होते ही बाजार में हलचल तेज हो गई है। अब तक जो नतीजे सामने आए हैं, खासकर छोटे और मझोले स्तर के बैंकों के, उन पर बाजार की प्रतिक्रिया काफी हद तक सकारात्मक रही है।